162 वर्ष के इतिहास में पहली बार प्रभु श्रीराम की आरती अंधेरे में हुई। नाराज पदाधिकारी नगर निगम के रवैये से नाराज थे। उनकी नाराजगी थी कि साफ-सफाई नहीं होने की वजह से परिसर में गंदगी बनी रही और इससे दो लोग डेंगू बीमारी से पीड़ित हो गए। इसके अलावा पार्षद ने बिजली निगम में झूठी शिकायत कर बिजली आपूर्ति प्रभावित करवा दी।
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प्रभु श्रीराम की आरती करते कमेटी के अध्यक्ष गणेश वर्मा व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
बर्डघाट रामलीला परिसर में चोरी से बिजली उपभोग की झूठी सूचना पर बिजली आपूर्ति बंद कराने और सफाई न होने से नाराज रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को रामलीला का मंचन रोक दिया और धरने पर बैठ गए।
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धरने पर बैठे पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
162 वर्ष के इतिहास में पहली बार प्रभु श्रीराम की आरती अंधेरे में हुई। जानकारी मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कोतवाली मौके पर पहुंच गए।
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पदाधिकारियों को थानाध्यक्ष राजघाट समझाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
बिजली विभाग के एक्सईएन को बुलाया गया। उन्हाेंने लिखित रूप से बिजली चोरी न होना स्वीकार किया। करीब साढ़े तीन घंटे बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ और दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का स्वागत किया।
रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का आरोप है कि स्थानीय पार्षद लाली गुप्ता और उनके पति के दबाव में नगर निगम के जिम्मेदारों ने साफ-सफाई ठीक से नहीं कराई। इसी बीच मंचन होता रहा और अयोध्या से आए दो कलाकारों को डेंगू हो गया।
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धरने पर बैठे पदाधिकारियों से वार्ता करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
उधर, मौके पर जांच करने आई टीम ने पाया कि नगर निगम के स्ट्रीट लाइट बिजली निगम के ट्रांसफार्मर से जलाई जा रही है। बृहस्पतिवार को पार्षद की ओर से बिजली चोरी की झूठी सूचना दी गई, जिसके बाद बिजली की सप्लाई बाधित कर दी गई थी। इससे नाराज कमेटी के पदाधिकारियों ने शाम चार बजे से ही व्हा्टसएप ग्रुप में सूचना भेजकर विरोध-प्रदर्शन का निर्णय लिया।
महामंत्री हरिद्वार वर्मा के नेतृत्व में शाम साढ़े छह बजे धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कैंट पहुंच गए। फिर बिजली विभाग के एक्सईएन एके चौहान को बुलाया गया। एक्सईएन ने शिकायत पत्र पर ही लिख कर दिया कि प्रथमदृष्टया कोई विद्युत चोरी प्रतीत नहीं होती है।
सीओ कोतवाली ओंकार तिवारी ने बताया कि चोरी से बिजली उपभोग की शिकायत पर रामलीला कमेटी के सदस्य नाराज थे। बिजली निगम के अधिकारी ने आकर समझाया तो लोग मान गए। इसके बाद रामलीला का मंचन शुरू हो गया।