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Gorakhpur News: मानचित्र दाखिल करने के साथ शपथ पत्र नहीं देने पर लगाई जा रही आपत्ति

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गोरखपुर। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 28 अप्रैल 2023 को दिए गए एक निर्णय के बाद जीडीए ने भी उपविभाजन एवं निरीक्षण शुल्क को समाप्त कर दिया है। इसका आदेश भी जारी किया जा चुका है। लेकिन अब जो मानचित्र दाखिल किए जा रहे हैं, उसमें यह कहकर आपत्ति लगाई जा रही है कि आवेदन के साथ छोड़े गए शुल्क के संबंध में शपथ पत्र भी प्रस्तुत करें।
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आवेदकों को यह बात समझ नहीं आ रही कि जीडीए ने जिस बात का आदेश निकाला है, उसको लेकर शपथ पत्र की क्या जरूरत है। इसको लेकर भी अधिकारियों के अलग तर्क हैं। प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह बताते हैं कि यह शपथ पत्र इसलिए लिया जा रहा है कि भविष्य में कोई रिवीजन में गया और कोर्ट का आदेश बदल गया तो आवेदकों से शुल्क लिया जा सके।
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मानचित्र हो रहे लंबित
जीडीए में इस समय मानचित्र लंबित हो रहे हैं। मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर आपत्ति लगाकर मानचित्र रोक दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिप्रेक्ष्य में उपविभाजन शुल्क से छूट देने के बाद यह समस्या आ रही है। नियमों के अनुसार जीडीए में आवासीय मानचित्र पास करने के लिए भूखंड के सामने सड़क की चौड़ाई न्यूनतम नौ मीटर होनी चाहिए। मौके पर यदि छह मीटर की भी सड़क हो तो मार्ग चौड़ीकरण के लिए जगह छोड़कर मानचित्र पास हो जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा। यह शर्त उपविभाजन शुल्क से ही जुड़ी थी। इसलिए अब लागू नहीं है। जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि मार्ग चौड़ीकरण को लेकर अब आपत्ति लग रही है। कई मामले सामने आए हैं। जल्द ही जीडीए उपाध्यक्ष से वार्ता कर इस मामले में निर्णय लिया जाएगा।
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