गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से अब मार्ग चौड़ीकरण (रोड वाइडनिंग) के नाम पर मानचित्र नहीं रोके जाएंगे। जीडीए उपाध्यक्ष ने नियोजन विभाग से मामले में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर मानचित्र न रोके जाएं। इस संबंध में नियोजन विभाग से भी बात कर ली गई है। लोग मानचित्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पिछले कुछ दिनों से जीडीए में दाखिल मानचित्रों को मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर आपत्ति लगाकर रोक दिया जा रहा था। इससे आवेदक काफी परेशान थे। पूछने पर उन्हें बताया जा रहा था कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए पर्याप्त जमीन के बिना मानचित्र पास नहीं हो सकता। जबकि इससे पहले इसी तरह से मानचित्र पास होते थे। इसको लेकर जीडीए उपाध्यक्ष ने जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि नियोजन विभाग की ओर से आपत्ति लगाई जा रही है। 15 मानचित्र में से 13 में इसी तरह की आपत्ति लगी थीं। इसके बाद उपाध्यक्ष ने नियोजन विभाग के अधिकारी से भी बात की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उपविभाजन शुल्क हटाया गया है, इसके आधार पर मानचित्र नहीं रोके जा सकते।
नियोजन विभाग की ओर से आवेदकों को यही तर्क दिया जा रहा था कि उपविभाजन शुल्क खत्म हो जाने के बाद नौ मीटर से कम चौड़ी सड़क पर मानचित्र पास नहीं होगा। यदि मौके पर कम चौड़ी सड़क होगी तो शेष चौड़ाई के लिए जमीन देनी होगी।