गोरखपुर। नगर निगम के 21 वार्डोंं में जीआईएस सर्वे आधारित संपत्ति कर की नोटिस जल्द वितरित की जाएगी। इनपर आने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसी वित्तीय वर्ष से बढ़ा हुआ संपत्ति कर वसूला जाएगा। निगम ने दिसंबर तक आपत्तियों के निस्तारण क लक्ष्य रखा है।
शहर के पुराने 70 वार्डों में 47 में जीआईएस आधारित सर्वेक्षण आधारित संपत्तिकर के नोटिस वितरित कर आपत्तियों का निस्तारण कराया जा रहा है। शेष 23 वार्डों में रेलवे को छोड़कर 21 वार्डों का जीआईएस आधारित सर्वेक्षण भी पूरा हो चुका है। जीआईएस सर्वेक्षण कर रही कंपनी मेसर्स आईटीआई प्राइवेट लिमिटेड जल्द ही नगर निगम के शेष 21 वार्डों में भी जीआईएस सर्वेक्षण आधारित संपत्तिकर का नोटिस वितरित करेगी। इसमें करीब 50 हजार संपत्तियां शामिल हैं।
मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में इन वार्डों में जल्द से जल्द नोटिस देने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने नगर निगम में शामिल नए 10 वार्डों में भी संपत्तिकर के सर्वेक्षण एवं जियो टैग का काम शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। ताकि मौजूदा वित्तीय वर्ष से ही उनकी आपत्तियों का निस्तारण करते हुए संपत्तिकर जमा कराया जा सके।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 31 अगस्त तक नगर निगम ने 23 करोड़ राजस्व की वसूली की है। 2023-24 में इस समय तक 20 करोड़ राजस्व वसूली हुई थी। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने सभी जोनल अधिकारियों, कर अधीक्षकों एवं राजस्व वसूली कार्मिकों को सख्त हिदायत दी कि 30 सितंबर तक 25 फीसदी की अनिवार्य बढ़ोतरी सुनिश्चित करें। मानक से कम वसूली करने पर अतिफुल हक, जावेद अहमद, अविनाश गौड़ और बलराम पांडेय को चेताया कि 30 सितंबर तक प्रदर्शन सुधारें अन्यथा उत्तरदायित्व निर्धारण पर विचार होगा।
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दो कर्मचारियों का रोका वेतन, दो को चेतावनी
नगर निगम के जोन-4 में 14578, जोन एक में 8395 और जोन दो में 7251 बिल वितरित नहीं हो पाए हैं, इसपर नगर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जोनल अधिकारियों को हर हाल में 30 सितंबर तक सभी बिल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वार्ड 65 में राजस्व निरीक्षक पंकज श्रीवास्तव और राम सागर गौतम के क्रमश: 1662 बिल एवं 1592 बिल वितरण के लिए शेष पाए जाने पर चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए। राजस्व निरीक्षक कामेश्वर चौधरी के वार्ड 8, 16 एवं 56 में लगभग 4800 बिल एवं राजस्व निरीक्षक दुर्गेश प्रताप सिंह के वार्ड 33, 48 और 50 में लगभग 4800 बिल वितरण न किए जाने पर वेतन रोकने का आदेश दिया। नगर आयुक्त ने नामांतरण आवेदन पत्र को लंबित रखने और पत्रावली रजिस्टर तैयार करने में रूचि न लेने वाले कर्मचारियों को दो दिन में नामांतरण आवेदन पत्रों का निस्तारण आख्या सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस क्रम में राजस्व निरीक्षक जोन पांच अश्वनी पांडेय को नामांतरण आवेदन पत्रों के निस्तारण में रूचि न लिए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जोनल कार्यालयों में शुरू होंगे कैश काउंटर
सभी जोनल कार्यालयों में कैश काउंटर 30 सितंबर तक हो जाएंगे। इससे जोनल कार्यालय जोन दो लालडिग्गी, जोनल कार्यालय जोन चार नेताजी सुभाष चंद्र बोसनगर, जोनल कार्यालय जोन पांच राप्तीनगर में कैश काउंटर शुरू होने से करदाताओं को अनावश्यक मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जोनल कार्यालय में ही अपने संपत्तिकर का भुगतान कर सकेंगे।