गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के स्टोर और भंडार में भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई के साथ केंद्रीय एजेंसी की जांच आगे बढ़ रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक स्टोर, स्क्रैप और भंडारण से जुड़े फाइलों को विजिलेंस टीम अपने साथ लेकर रविवार को चली गई। टीम अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौपेंगी। टेंडर और उसमें बिचौलिए संग रुपयों के खेल में एक शिकायत पर सीबीआई ने दो केस दर्ज किए थे। अब सीबीआई इस केस से जुड़े तथ्यों की जांच और उनका सत्यापन करवा रही है।
सीबीआई ने स्टोर और भंडार में भ्रष्टाचार के मामले में दो केस दर्ज किए थे। जांच की गोपनीयता की वजह से दोनों एफआईआर बेहद गोपनीय थीं। दूसरी एफआईआर में मेटेरियल मैनेजर, पूर्वोत्तर रेलवे वीर बहादुर सिंह, विनय कुमार श्रीवास्तव, राकेश बंसल और दो अन्य पर केस दर्ज किया गया था। इसमें सीबीआई ने पांचवें आरोपी के साथ कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया था।
पहले केस में 10 नामजद और एक अन्य आरोपी था। सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को रेलवे के दो अधिकारी आधिकारिक रूप से अवकाश लेकर सीबीआई को बयान दर्ज करवाने दिल्ली गए थे। एक का बयान शुक्रवार और दूसरे अधिकारी के साथ बिचौलिए का बयान शनिवार को सीबीआई अधिकारियों के सामने दर्ज करवाया गया।
विनय श्रीवास्तव के फोन से मिले आवाज के रिकाॅर्ड, सीबीआई ने किए सुरक्षित
करीमनगर चौक चरगांवा के विनय श्रीवास्तव को सीबीआई ने इस मामले में बिचौलिए की भूमिका में पाया है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो विनय के मोबाइल फोन में रेलवे के पांच अधिकारियों से बातचीत की रिकाॅर्डिंग मिली है। इसमें एक महिला अधिकारी भी है। उनमें दो अधिकारियों को सीबीआई ने शुक्रवार और शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया था।
सीबीआई ने आवाज की सैंपलिंग ली, केस डायरी करेगी मजबूत
सीबीआई ने मामले में रेलवे के दो अधिकारियों और केस में नामजद बिचौलिए को एक साथ बयान के लिए बुलवाया था। रेलवे अधिकारियों के बयान सीबीआई ने दर्ज किए। सीबीआई ने नमूने के तौर पर उनके आवाज के सैंपलिंग को आरक्षित किया। बिचौलिया विनय श्रीवास्तव के फोन में इन दोनों अधिकारियों के अलावा तीन और अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। सीबीआई इसी सप्ताह इन्हें भी दिल्ली बुलवा सकती है।