फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: इलाज में करते हैं लापरवाही, शिकायत पर पीटते हैं..कार्रवाई भी नहीं होती

Mon, 22 Apr 2024 08:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

 बीआरडी मेडिकल कॉलेज का अपना अलग ही सिस्टम है। यहां इलाज कराने आए मरीज या उनके परिजन ने अगर किसी लापरवाही की शिकायत भर कर दी तो वार्ड में मौजूद डॉक्टर ही पिटाई करते हैं। फिर शिकायत करने वाले को गलत ठहराते हैं।

विज्ञापन


इसके बाद इलाज नहीं करने की धमकी देकर मरीज से ही यह लिखवा लेते हैं कि उनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया।

इसके बाद जांच कमेटी गठित होती है, जिसकी रिपोर्ट नहीं आती और फिर पूरा मामला खत्म हो जाता है। फरियादी इलाज नहीं होने या इलाज में और अधिक लापरवाही बरते जाने के डर से चुपचाप सब कुछ बर्दाश्त कर लेता है। यह कहानी वर्षों से बदस्तूर चली आ रही है।

रविवार को वेंटिलेटर वाले बेड पर भर्ती मरीज के तीमारदार को शिकायत करनी भारी पड़ी। जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार की पिटाई की। तीमारदार ने जब अपनी फरियाद गुलरिहा थाने में की तो डॉक्टरों ने भी अपनी तरफ से तहरीर दे दी।
विज्ञापन


हालांकि इतना सब कुछ होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल और नेहरू अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीएन शुक्ला को इस मामले की जानकारी देर शाम तब हुई, जब मीडियाकर्मियों ने इस मामले में कॉलेज व अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया।

अभी पिछले महीने ही जूनियर डॉक्टरों ने एक मेडिकल स्टोर के आगे बाइक खड़ी करने की मामूली सी बात पर दुकान संचालक की पिटाई करने के साथ ही वहां तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन इससे जूनियर डॉक्टरों के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया।

हर बार बनती है जांच कमेटी, नहीं मिलती रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और मरीजों के बीच मारपीट की जितनी भी घटनाएं हुई हैं, सभी की जांच के लिए कमेटी बनती है, लेकिन रिपोर्ट किसी की नहीं आती। पिछले महीने हुई मारपीट के मामले में भी तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनी थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई।

इससे पहले कुशीनगर के पंचायतीराज विभाग के एक कर्मचारी को कमरे में बंद कर पीटा गया था। पत्नी उस कमरे के बाहर गिड़गिड़ा रही थी। किसी तरह से कर्मचारी निकल पाया था। जांच के लिए कमेटी बनी, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई।

संतकबीरनगर जिले के एक मरीज का 10 दिन से ऑपरेशन नहीं हो रहा था, जबकि उसके बाद आए मरीजों का ऑपरेशन हो रहा था, तो एक तीमारदार ने आपत्ति की। आपत्ति करने वाले तीमारदार को पीटा गया। जांच के लिए कमेटी गठित की गई, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई।

सीएमएस  डॉ. बीएन शुक्ला ने बताया कि  रविवार को वार्ड में हुई घटना की जांच कराई जाएगी। डॉक्टर ने बताया है कि मरीज के एक तीमारदार ने जो रिपोर्ट दी, वह अपठनीय था। उसे साफ कॉपी दिखाने को कहा तो उलझ गया। डॉक्टर ने विरोध किया तो मारपीट की गई।

तीमारदार के दुर्व्यवहार से आहत होकर डॉक्टर ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सोमवार को दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी। जिसकी भी गलती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
,

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें