वक्फ बोर्ड की जमीन कब्जा करने का आरोप
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वक्फ की जमीन पर कब्जे का दावा: सिविल लाइंस स्थित मुसाफिर खाना के पीछे स्थित वक्फ की संपत्ति पर अवैध तरीके से कब्जा करने का मामला सामने आया है। जामा मस्जिद कमेटी, उर्दू बाजार के सचिव मोहम्मद अब्दुल्ला ने आरोपी मुतवल्ली नुरुल हक पर कैंट थाने में केस दर्ज कराया। कैंट पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सचिव मोहम्मद अब्दुल्ला के मुताबिक, 66 डिसमिल जमीन का मामला है। इसे फर्जी तरीके से उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ से नुरुल हक ने अपने नाम करवा लिया। बोर्ड में गलत साक्ष्य और फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि सदस्यों का निधन हो चुका है।
इसी फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर जमीन पर अपना हक जता दिया गया। एक जनवरी 2024 को एजेंडा व बैलेंस शीट प्रस्तुत किया गया, वह भी पूरी तरह से फर्जी है। आरोप है कि नुरुल हक द्वारा कब्रिस्तान की सफाई व रंगाई पोताई का दावा किया जाता है, जबकि पिछले कई दशकों से यह कामा जामा मस्जिद कमेटी ही कर रही है।
जबकि, असली मुतवल्ली वे हैं और दस सदस्य भी हैं, जिसका ब्योरा जामा मस्जिद कमेटी के अभिलेखों में दर्ज है। नुरुल हक ने सब कुछ छिपाकर बनावटी कागजात तैयार किया और प्रस्तुत कर वर्तमान कमेटी के सभी सदस्यों को मृत घोषित कर दिया। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
कैंट थाने में तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी:
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी