गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) को तकनीकी शिक्षा का मॉडल बनाना है। इसमें यहां बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बड़ी भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को विश्व स्तरीय मानक के अनुरूप तैयार करने और इसके पाठ्यक्रमों को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री मंगलवार को अपराह्न तीन बजे दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जरूरत है कि पाठ्यक्रमों भविष्य को देखकर तैयार किया जाए, ताकि इसका लाभ दूरगामी मिले।
बीटेक के छह ब्रांचों के लिए प्रवेश शुरू
एमपीआईटी में इस सत्र से बीटेक की पढ़ाई के लिए छह ब्रांचों, कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, डाटा साइंस, साइबर सिक्युरिटी, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी) में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इन सभी ब्रांचों में 60-60 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। पहले सत्र में एमपीआईटी की छात्र क्षमता 360 की होगी।
तैयार हो रहे हैं छह तरह के पाठ्यक्रम
बीटेक एडमिशन के लिए जारी प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही लच्छीपुर स्थित एमपीआईटी के परिसर में अलग-अलग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं। ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुल छह तरह के पाठ्यक्रम (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्युरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम) संचालित होंगे। सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इनमें संचालित होने वाले पाठ्यक्रम ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से तैयार हों रहे हैं। विद्यार्थी यहां प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स, माइनर डिग्री कोर्स और एडवांस कोर्स के जरिये खुद को संबंधित उद्योग-सेवा के क्षेत्र के अनुरूप तैयार कर सकेंगे। एमपीआईटी के सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेंगे। यहां न केवल एमपीआईटी के छात्रों को बल्कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी ग्लोबल कोर्सेज में शामिल होने की सुविधा मिलेगी।
इन संस्थानों को भविष्य में मिलेगा लाभ
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामाया राजकीय पॉलिटेक्निक हरिहरपुर खजनी, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी गोरखपुर सेंटर, महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक गोरखपुर, बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, बुद्धा पॉलिटेक्निक कॉलेज गीडा गोरखपुर, आईटीएम गीडा गोरखपुर, आईटीएम पॉलिटेक्निक गीडा गोरखपुर, केआईपीएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, लिटिल फ्लावर पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामानव गौतम बुद्ध पॉलिटेक्निक बनकटी खुर्द, सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी हक्काबाद गोरखपुर और विकास इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी।