महावीर छपरा। क्षेत्र में एक बंदर ने पिछले कुछ दिनों से उत्पात मचा रखा है। अभी तक वह करीब 10 महिलाओं को घायल कर चुका है। मंगलवार को सुबह सात बजे से लेकर दोपहर 12 के बीच उसने दो महिलाओं और एक 12 वर्षीय बच्चे को काट लिया। उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने व मरहम पट्टी कराने के लिए परिजन सदर अस्पताल लेकर गए। जानकारों का मानना है कि हमला करने वाला बंदर तनाव में हो सकता है। ऐसा अपने झुंड से अलग होने या निकाले जाने की वजह से होता है।
मुंजेश्वरनाथ शिव मंदिर के पुजारी संजय गिरि ने बताया कि पिछले कई दिनों से मंदिर परिसर के साथ-साथ सेवई चौराहे पर बंदर के उत्पात से लोग परेशान हैं। मंगलवार सुबह बंदर ने मंदिर परिसर में ही तीन लोगों को दौड़ाकर काट लिया, घरवाले उन्हें अस्पताल ले गए। बंदर रोजाना लोगों को अपना शिकार बना रहा है, लेकिन रेस्क्यू करने के लिए अभी तक कोई नहीं पहुंचा। इससे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
रंग-बिरंगी साड़ी देखकर कर रहा हमला
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बंदर रंग-बिरंगी साड़ी पहनकर जा रहीं महिलाओं को देखकर हमलावर हो रहा है। दूसरी ओर सलवार-कमीज पहने युवतियों पर हमला नहीं कर रहा है। पुरुषों के साथ आराम से बैठकर खा-पी रहा है। भौवापार निवासी 12 वर्षीय अंशु ने बताया-मंदिर परिसर के रास्ते पैदल अपने घर जा रहे थे। तभी अचानक बंदर ने दौड़ा लिया। सड़क पर गिर गए। इसके बाद बंदर ने शरीर के कई हिस्सों पर काट लिया।
बोलीं महिलाएं...
सुबह शिव मंदिर पर पूजा करने जा रही थी। अभी सीढि़यों पर चढ़ी थीं कि बरगद के पेड़ पर बैठा बंदर ऊपर से कूद गया और कई जगहों पर काट कर भाग गया।
- रीता गिरि, भौवापार
सुबह करीब आठ बजे बंदर हमारे पीछे बने चबूतरे पर आकर बैठा और बालों को सहलाने लगा। कुछ ही देर बाद जब सामान लेने के लिए खड़ी हुई तो वह पैरों में लिपटा और काट लिया।
- अंजना देवी
15-20 दिनों से लोग परेशान
महावीर छपरा। बेलीपार क्षेत्र के क्योंनरा गांव निवासी लक्ष्मी चंद शुक्ला ने बताया कि करीब 15 से 20 दिनों से आसपास के दर्जनों गांवों में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। ग्रामीण इलाकों में लगभग सैकड़ों की संख्या में बंदर आ गए हैं। ये बच्चे, महिला, बुजुर्ग सभी पर अचानक हमला कर घायल कर दे रहे हैं। इधर प्रमुख रूप से चारपानी, चंदौली, मेहरौली समेत कई गांव चपेट में हैं। वन विभाग को सूचना देने पर भी कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
मानसिक तनाव में भी बंदर करते हैं महिलाओं पर हमला
गोरखपुर। अधिकांश बंदर इंसानों से दूर रहते हैं और हमला करने से पहले कई बार सोचते हैं। आत्मरक्षा और मानसिक तनाव की वजह से ही वह हमलावर होते हैं। महावीर छपरा में महिलाओं पर हमला करने वाला बंदर भी मानसिक तनाव में हो सकता है। चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि बंदर सामाजिक प्राणी होते हैं और समूह में रहते हैं। वे अपने परिवार के साथ मजबूत बंधन बनाते हैं। वे आपस में संचार करने के लिए विभिन्न प्रकार की आवाजें और इशारे करते हैं।
बंदरों की एक खासियत है कि वे बहुत जिज्ञासु होते हैं और नई चीजों को जल्द सीखते हैं। उनको खेलना पसंद है और अपने समूह के साथ मजाक करते हैं। वह दूसरों की भावनाओं को भी समझते हैं। बंदर बहुत बुद्धिमान होते हैं और समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। बताया कि प्रजनन के सीजन में वे अक्सर महिलाओं पर हमलावर हो जाते हैं। बंदरों के समूह में नर बंदर अक्सर महिलाओं को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, जिससे हमलावर हो जाते हैं। खतरा महसूस होने पर भी वे हमला कर सकते हैं।