गोरखपुर। भाजपा एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने गोरखपुर शहर में जलभराव की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पत्र लिखा है। एमएलसी ने पत्र में ड्रेनेज सिस्टम को सही करने के लिए कई उपाय भी सुझाए हैं। मांग की कि सभी प्रमुख विभाग नगर निगम, जीडीए और पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग मिलकर ड्रेनेज सिस्टम के लिए मास्टर प्लान तैयार करें।
एमएलसी ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र में लिखा है कि गोरखपुर विकास के मामले में प्रदेश में रोल मॉडल है, लेकिन जलभराव से स्थाई निजात नहीं मिल सकी है। भविष्य की दिक्कतों को देखते हुए अभी से ठोस उपायों की जरूरत है। एमएलसी ने ड्रेनेज सिस्टम के लिए मास्टर प्लान बनाने पर जोर दिया है। इसके लिए नगर निगम, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के दक्ष विशेषज्ञों की एक परामर्शदात्री टीम बनाने की बात कही है। एमएलसी ने रामगढ़ताल के पश्चिमी छोर पर स्थित पैडलेगंज नाले के अंतिम प्वाइंट पर एकीकृत बाढ़ पंपिंग स्टेशन स्थापित करने का सुझाव दिया है।
इसके साथ ही रामगढ़ताल के उत्तरी-पूर्वी छोर पर गोड़धोईया नाला के पुल के निकट एकीकृत बाढ़ पंपिंग स्टेशन का निर्माण पर पानी को ताल में गिराने का सुझाव दिया है। इसके साथ गोड़धोईया नाले के ऊपरी भाग को तुर्रा नाले से जोड़ने का सुझाव दिया है। शहर के निचले इलाके में तालाब और पोखरों को गहरा कर वर्षा के पानी को एकत्र करने का इंतजाम किया जाना चाहिए। एमएलसी का सुझाव है कि नालों का निर्माण प्राधिकरण के मास्टर प्लान के हिसाब से किया जाना चाहिए। जलभराव के लिए एकीकृत विभाग की स्थापना हो। नालों की चौड़ाई बढ़ाई जाए। एमएलसी ने साॅलिड वेस्ट का गलत निस्तारण करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का सुझाव भी दिया है।