प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से आए एक पत्र ने गोरखपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। डाक से पत्र भेजने वाले ने अपने नाम की जगह देशभक्त लिखा है। कैंट क्षेत्र में संचालित एक संस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में कहा गया है कि संस्था विदेश भेजने के नाम पर युवकों को दुबई भेजती है। वहां से आतंकी संगठनों तक पहुंचा देती है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संस्था का संचालक किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से यह संस्थान चला रहा है और दुबई में एक कंपनी भी रजिस्टर करा रखी है। वह नेपाल के रास्ते दुबई आता-जाता रहता है। खुद को भारत सरकार के समक्ष एनआरआई के रूप में पेश करता है।
यहीं नहीं संस्था फ्री वीजा और टिकट का लालच देकर युवाओं को विदेश भेजती है, लेकिन कुछ युवकों को दुबई में नौकरी दिलाने के बजाय आतंकी संगठनों के हवाले कर दिया जाता है। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि संस्था के बिहार के सिवान और पटना जिलों में भी कार्यालय खुले हैं और इस कार्य में विदेश मंत्रालय के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से यह पत्र गोरखपुर पुलिस विभाग को भेजा गया है। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच गोपनीय तरीके से शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस अधिकारी इस पत्र की सत्यता की जांच में जुटे हैं। साथ ही संस्था से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पत्र में दिए गए तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ऐसा कोई पत्र संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा कुछ आता है तो उसकी जांच की जाएगी:
राजकरन नय्यर, एसएसपी