बेटी शीतल को खोने के बाद भी आरोपी बिंदू का देवर खुशवन मेडिकल कॉलेज पहुंचा। डॉक्टरों ने बताया कि कभी भी बिंदू की जान जा सकती है। इसके बाद दिनभर आईसीयू के बाहर बैठकर देवर बिंदू की मौत का इंतजार करता रहा। पति ने भी किनारा कर लिया था।
गोरखनाथ के पार्वतीनगर काॅलोनी में नैना (06) और शीतल (03) की हत्या कर ट्रेन के आगे कूदने वाली बिंदू अब वेंटिलेटर पर आखिरी सांसें गिन रही है। डॉक्टरों ने उसकी हालत देखकर जवाब दे दिया है। परिवार में सूचना पहुंची तो पति रवि ने जाने से इन्कार कर दिया।
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Gorakhpur Murder
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, अपनी बेटी शीतल को खोने के बाद भी आरोपी बिंदू का देवर खुशवन मेडिकल कॉलेज पहुंचा। डॉक्टरों ने बताया कि कभी भी बिंदू की जान जा सकती है। इसके बाद दिनभर आईसीयू के बाहर बैठकर देवर बिंदू की मौत का इंतजार करता रहा।
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Gorakhpur Murder
- फोटो : अमर उजाला
खुशवन ने बताया कि रविवार को गोरखनाथ थाने से पुलिस घर पर आई थी। पुलिस कर्मियों ने बताया कि कोई भी एक आदमी मेडिकल कॉलेज चले जाओ डॉक्टरों ने जवाब दे दिया है। बिंदू की मौत के बाद कागजी प्रक्रिया भर्ती कराने वाले ही पूरी करेंगे। पिता और भाई ने जाने से मना कर दिया। मजबूरी में मेडिकल कॉलेज आया।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : सोशल मीडिया
आईसीयू में भर्ती बिंदू को गंभीर चोट ट्रेन की टक्कर से लगी है। तभी से वह कोमा में है। डॉक्टरों ने कह दिया है कि सारा प्रयास कर लिया गया है, अब कुछ नहीं हो सकता है।
बिंदू की मौत से दफन हो जाएगा राज
खुशवन ने बताया कि उम्मीद थी कि अगर भाभी बच जाएंगी तो बच्चों की मौत की वजह बताएंगी। उन्होंने किस मजबूरी में बच्चियों को मारा, उनके साथ इस घटना में कोई और तो शामिल नहीं था। ऐसे कई राज उनकी मौत के बाद दफन हो जाएंगे।
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Gorakhpur Murder
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बिंदू की हर जगह से हटा दी तस्वीर
खुशवन ने बताया कि नैना की मौत से भैया टूट गए हैं। अब वह यही कह रहे हैं कि मैं बाहर कमाने नहीं जाता तो बेटी मेरे पास होती। बेटी अफसर बने यही सोचकर कि उसकी पढ़ाई के लिए कमाने गए थे। अब तो जिंदगी में कुछ बचा ही नहीं। भैया ने कमरे और एलबम से भाभी की तस्वीरें हटा दी हैं। वह अब देखना भी नहीं चाहते हैं। ऐसे में अंतिम समय में सारे रीति रिवाज मुझे निभाने पड़ेंगे।
बिंदू की क्रूरता याद कर कांप जा रहा परिवार का दिल
दो अक्तूबर को बिंदू ने एक-एक कर अपनी बेटी नैना और भतीजी शीतल की गला कसकर हत्या की थी। इसके बाद ट्रेन के आगे कूदकर जान देने का प्रयास किया। बिंदू की क्रूरता को याद कर परिवार का दिल कांप जा रहा है।