गोरखपुर। बेरोजगार युवकों को पुलिस में दरोगा के पद पर नियुक्ति और एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपी भास्कर शर्मा की हिस्ट्रीशीट खुलेगी। सीओ ने औपचारिकताएं पूरी कर फाइल एसएसपी के पास भेज दी है। पुलिस ने इसे पांच महीने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।
सैनिक विहार नंदानगर में रहने वाले भास्कर शर्मा उर्फ बिट्टू ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कोटे से दरोगा भर्ती कराने के नाम पर बसंतपुर के अवधेश जायसवाल से 10 लाख रुपये की ठगी की थी। इसके अलावा कुशीनगर के नंदलाल वर्मा पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र वर्मा से उनके लड़कों का एमबीबीएस में एडमिशन एवं पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर 30 लाख रुपये ठग लिए।
यह भी आरोप है कि देवरिया के अजय वर्मा पुत्र कन्हैया वर्मा से लड़की का नर्सिंग में एडमिशन कराने के नाम पर फर्जी एडमिशन कार्ड देकर आरोपी भास्कर शर्मा ने 4 लाख 90 हजार रुपये और अजय वर्मा से ही शराब के मॉडल शाप दुकान का ठेका दिलाने के नाम पर जिला आबकारी अधिकारी के नाम से फर्जी दुकान का लाइसेंस देते हुए चार लाख 90 हजार रुपये वसूल लिए।
सामने आए मामलों में पुलिस केस दर्ज करके आरोपी को जेल भिजवाया था। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि अब इसकी नियमित रूप से निगरानी हो सके, इसके लिए हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है।
जालसाज पर घोषित था 25 हजार का इनाम
आरोपी भास्कर शर्मा की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था। 28 अप्रैल 2024 को एम्स पुलिस ने क्राइम ब्रांच की मदद से उसे गिरफ्तार किया था।