फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाले गिरोह के सरगना की तलाश में कोतवाली पुलिस जयपुर और मुंबई जाएगी। 27 अक्तूबर को गोरखपुर पुलिस के हत्थे चढ़े संजय गर्ग ने सरगना के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी। बताया जा रहा है कि दस राज्यों में इस गिरोह का नेटवर्क फैला है।
जयपुर में रहने वाला सरगना कैरियर के जरिए विभिन्न राज्यों में फर्जी नंबर प्लेट बनवाकर भेजता है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच पड़ताल कर अहम साक्ष्य एकत्रित किए हैं। अगले सप्ताह गिरफ्तारी के लिए दो टीमें जयपुर और मुंबई रवाना होंगी।
दरअसल, 27 अक्तूबर को जयपुर से वहां के शांतिनगर निवासी संजय गर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके बाद 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे गोरखपुर लेकर आई। पूछताछ में संजय ने देश के 10 राज्यों हरियाणा, मुंबई, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, नगालैंड, पंजाब और उत्तराखंड में फैले नेटवर्क के बारे में बताया था। उसने सरगना के बारे में भी जानकारी दी।
संजय से पूछताछ के बाद पुलिस जब सरगना को पकड़ने मुंबई और जयपुर के ठिकानों पर पहुंची तब पता चला कि वहां तो कोई ऐसा व्यक्ति रहता ही नहीं है। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस और संजय के मोबाइल से मिले साक्ष्य के आधार पर जानकारी जुटाई। पुलिस की मानें तो सरगना के पकड़े जाने पर इस धंधे में लिप्त अन्य राज्यों के आरोपियों का भी चेहरा बेनकाब हो जाएगा।
कंपनी ने पकड़ा खेल और केस दर्ज कराया
लखनऊ की रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का ठेका मिला है। कंपनी के पास गोरखपुर से फर्जी नंबर प्लेट की शिकायत आ रही थी। कंपनी के रीजनल हेड मो. सारिक ने कोतवाली थाने में 31 जुलाई को केस दर्ज कराया था।
इसके बाद पुलिस ने अलीनगर की एक दुकान पर छापा मारकर रसूलपुर निवासी एहसान अली को गिरफ्तार किया। एहसान ने ही पुलिस को बताया था कि जयपुर के व्यक्ति के पास गाड़ी का नंबर व्हाट्सएप करने पर वह कैरियर के माध्यम से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भेजता था। इसके बाद से ही पुलिस संजय गर्ग की तलाश कर रही थी।
फर्जी नंबर प्लेट मामले की जांच पड़ताल में गिरोह के सरगना के बारे में कई अहम जानकारियां मिली हैं। सरगना की तलाश में दो टीमें बहुत जल्द मुंबई और जयपुर जाएंगी:
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी