सामान लेकर देवरिया की तरफ जाने वाली एक मालगाड़ी मंगलवार सुबह करीब छह बजे से दोपहर 12 बजे तक गोरखपुर रेलवे स्टेशन की गुड्स लाइन में खड़ी रही। इसके चलते 10 नंबर लाइन बाधित रही। राहत की बात यह रही कि इससे यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रेल लाइन नंबर आठ से 11 तक मालगाड़ी के लिए आरक्षित है। रेल कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सुबह छह बजे गोरखपुर जंक्शन के लाइन नंबर 10 पर आकर एक मालगाड़ी खड़ी हो गई। यहां लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर की ड्यूटी बदल गई थी।
पूर्व निर्धारित समय के अनुसार लोको पायलट तो इंजन में पहुंच गया लेकिन कोई ट्रेन मैनेजर नहीं पहुंच सका। करीब एक घंटे बाद पता लगा कि जिस गार्ड की ड्यूटी लगी है, उसका रेस्ट समय पूरा नहीं होने के चलते वह ड्यूटी पर ही नहीं आया। दोपहर 12 बजे गार्ड (ट्रेन मैनेजर) ड्यूटी पर पहुंचा, इसके बाद जाकर मालगाड़ी रवाना हुई। स्टेशन निदेशक जेपी सिंह ने बताया कि कोई यात्री ट्रेन प्रभावित नहीं हुई।
अंतिम समय में हटाया गया अनफिट एसएलआर कोच
वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस के डेमैज (अनफिट) एसएलआर कोच में मंगलवार को कर्मचारियों ने माल लोड कर दिया। ट्रेन जाने से करीब आधे घंटे पहले गैंगमैन ने कोच काटकर अलग करने की प्रक्रिया शुरू की। कोच कटता देख माल लोड करने वाले कर्मचारियों ने पूछा तो बताया गया कि एसएलआर डैमेज है, इसलिए इसे काटकर अलग किया जा रहा है।
कर्मचारी आनन-फानन सामान उतारने लगे। सामान उतारने के बाद डैमेज कोच हटाकर फिट कोच लगाया गया। राहत की बात रही कि ट्रेन अपने समय शाम 4:15 बजे वाराणसी के लिए रवाना हो गई। नाराज कर्मचारियों का कहना था कि डैमेज कोच बदलना था तो इसकी सूचना पहले देनी चाहिए थी।
पूर्वोत्तर रेलवे को स्क्रैप निस्तारण से मिले 218.28 करोड़
पूर्वोत्तर रेलवे स्क्रैप निस्तारण से न केवल रेल राजस्व को बढ़ाया है, बल्कि इसके हटने से स्वच्छता भी बढ़ी है। वित्त वर्ष 2024-25 में ''''मिशन जीरो स्क्रैप'''' के तहत स्क्रैप निस्तारण से 218.28 करोड़ रुपये की आय हुई। सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत रेल परिसरों और रेल पटरियों के किनारे पड़े अवांछित एवं निष्प्रयोज्य सामग्री, परित्यक्त इमारतों एवं आवासों की पहचान कर निस्तारण किया जा रहा है।
साल भर में 105 किमी ट्रैक बदले गए, 16 ट्रेनों में लगाए नए कोच
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे ने बीते वित्तीय वर्ष में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के लिए 105 किमी रेलवे ट्रैक को बदलकर आवागमन शुरू कराया। इसमें बेल्थरा रोड-कीड़िहरापुर और दुल्लहपुर-सादात, मऊ-शाहगंज, गोंडा कचहरी-करनैलगंज, डोमिनगढ़-गोरखपुर जं. आदि कार्य शामिल हैं। गोरखपुर कैंट-गोरखपुर जं. तीसरी लाइन का कार्य अंतिम चरण में है। सभी रूटों का विद्युतिकरण करा दिया गया है।
इसके अलावा यात्रियों को गाड़ियों में और अधिक स्थान उपलब्ध कराने के लिए कोचों की संख्या बढ़ाई गई है।16 ट्रेनों के रेक को आधुनिक एलएचबी रेक से बदला गया है। पूर्वोत्तर रेलवे ने 220 जोड़ी और 36 एकल यात्रा विशेष ट्रेनों का 3486 फेरों में संचालन किया है।