चिलुआताल थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्त
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दवा व्यापारियों से ठगी करने फिर फर्जी दुष्कर्म का केस दर्ज कराकर रंगदारी मांगने वाले पांच बदमाशों पर गैंगस्टर का केस दर्ज कर किया गया। चिलुआताल पुलिस ने डीएम के अनुमोदन के बाद केस दर्ज किया है। गिरोह में तीन महिलाएं भी शामिल हैं, जिनकी मदद से फर्जी दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज कराया जाता था।
गैंग का सरगना बिहार के पूर्वी चंपारण के वार्ड नंबर 28 निवासी विकास कुमार सिन्हा पादरी बाजार में रहता है। गिरोह में उसका भाई राकेश कुमार सिन्हा भी सदस्य है। इसके अलावा देवरिया जिले के रामपुर कारखाना क्षेत्र के महादेव बाजार निवासी गीता सिंह, उसकी बेटी रेखा सिंह, देवरिया के भलुवनी की हेमवंती पटेल को भी सदस्य बनाया गया है।
गिरोह एक व्यापारी को दो बार जेल भी भिजवा चुका है। सरगना विकास पहले महिला की मदद से दुष्कर्म का केस दर्ज कराता था और बाद में उसे खत्म कराने के नाम पर रंगदारी मांगता था।
विकास पर कैंट, शाहपुर, चिलुआताल समेत शहर के अन्य थानों में धोखाधड़ी व जालसाजी समेत अन्य धाराओं में नौ केस दर्ज हैं। वहीं उसके भाई राकेश पर पांच और गीता सिंह, रेखा सिंह व हेमवंती पटेल पर तीन केस दर्ज हैं।
नर्सिंग होम खोलना चाहता था विकास
विकास पादरी बाजार स्थित एक नर्सिंग होम में प्रबंधक था। इसके माध्यम से उसकी जान-पहचान कई व्यापारियों से हो गई। उसने व्यापारी संजय अग्रवाल, प्रवीन प्रकाश, अमित सिंह समेत अन्य से ठगी की। विकास, प्रबंधक से होटल मालिक बनना चाहता था, इसके लिए उसने ठगी का जाल बिछाया। लोगों से ठगी करने के बाद उसने एक अस्पताल भी खोला, लेकिन वह संचालित नहीं हो सका।