बेलीपार थाने की पुलिस ने रविवार को एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह गहनों की चोरी कर उसे बेच देता था। फिर उस रकम से गांजा खरीदकर उसकी तस्करी करते थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 31 लाख रुपये के गहने और 45 किलो गांजा बरामद किए हैं।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान एम्स थाना क्षेत्र के सुजीत पासवान उर्फ धुनधुन और रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के मंझरिया बड़गो निवासी विशाल यादव उर्फ छोटू के रूप में हुई। सुजीत पर पहले से तीन और विशाल पर नौ केस अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। विशाल को गैंगस्टर एक्ट में भी निरुद्ध किया जा चुका है।
पुलिस इस गिरोह के अन्य गुर्गों मऊ जिले के सदर बाजार निवासी नूर आलम, गगहा के अतायर के भीम साहनी, बड़हलगंज के चिल्लूपार के अभिषेक सोनकर और एम्स क्षेत्र के रामपुर की किरन की तलाश में जुटी है। किरन, सुजीत की भाभी है। पुलिस के मुताबिक, मऊ का नूर आलम इस गिरोह का सरगना है।
पुलिस लाइंस में एसएसपी राज करन नय्यर ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि बेलीपार क्षेत्र के सूरज गुप्ता ने दो जुलाई को तहरीर देकर घर में चोरी का केस दर्ज कराया था। सूरज ने पुलिस को बताया कि 25 जून से 30 जून तक शहर में रहकर अपने भाई का इलाज करा रहे थे। इस दौरान अज्ञात चोरों ने मकान में घुसकर करीब 31 लाख रुपये के गहने चुरा लिए थे। केस दर्ज कर पुलिस चोरों की तलाश में थी।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी बच्चों के गुल्लक भी उठा ले गए थे। इसमें कुछ सिक्के और नोट थे। पुलिस ने इनके पास से इसे भी बरामद कर लिया है।
पूछताछ में पता चला कि गिरोह में चार और शामिल
एसएसपी ने बताया कि सर्विलांस और एंटी थेप्ट सेल की टीम घटना का पर्दाफाश करने के लिए लगाई गई थी। बेलीपार थाने की पुलिस के साथ ही सर्विलांस और एंटी थेप्ट सेल की टीम ने मिलकर रविवार को दो आरोपियों को क्षेत्र से गिरफ्तार कर चोरी के सामान बरामद कर लिए। पूछताछ में पता चला कि घटना में चार और आरोपी शामिल थे। इनकी तलाश पुलिस टीम कर रही है।
चोरी के माल को ठिकाने लगाती थी किरन
एसएसपी ने बताया कि गिरोह के गुर्गे पहले रेकी करते थे। रात में वारदात को अंजाम देते थे। उन्होंने बताया कि आरोपी सोने के गहनों को गलाकर बेच देते थे। गहने को बेचने में सुजीत की भाभी किरन मदद करती थी। चोरी के माल को बेचकर यह गिरोह गांजा तस्करी का धंधा करता है। पुलिस उस जगह को भी ट्रेस कर रही है, जहां से गांजा खरीदकर आरोपी लाते थे। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी साउथ जितेंद्र कुमार, सीओ बांसगांव दरवेश कुमार भी मौजूद रहे। गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम में एंटी थेप्ट सेल के प्रभारी सुनील राय, सर्विलांस सेल, थानाध्यक्ष विशाल कुमार आदि शामिल थे।