रामगढ़ताल के पाम पैराडाइज में रहने वाले रिटायर्ड जज से रक्षा मंत्री का निजी सचिव बनकर 85 हजार रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है। रिटायर्ड जज की तहरीर पर बुधवार रात पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर जिला अदालत से रिटायर्ड जज प्रभु दयाल गुप्ता ने बुधवार रात पुलिस को दी गई तहरीर में लिखा है कि 21 अक्तूबर को उनके मित्र अमित किशोर के नाम से फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज आया। अमित रक्षामंत्री के निजी सचिव हैं। अमित बनकर चैटिंग करने वाले ने उन्हें बताया कि उनके एक दोस्त सीआरपीएफ ऑफिसर संतोष कुमार का ट्रांसफर कश्मीर हो गया है। वह अपना घरेलू सामान बेचना चाहते हैं। वह सामान गोरखपुर में डिलीवरी भी करा देंगे। उनका फोन नंबर भी मांगा ताकि संतोष उनसे बात कर सके।
विश्वास कर भेज दिए रुपये
प्रभु दयाल की शिकायत है कि इसके बाद खुद को अमित बताने वाले ने उन्हें ह्वाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजा। अमित को जानने की वजह से विश्वास करके उन्होंने 85 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उन्होंने अमित को फोन किया तो उन्होंने बताया कि उनकी तो उनसे बात ही नहीं हुई। यह सुनकर वह स्तब्ध रह गए। तब अंदेशा हुआ कि किसी ने अमित के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी की है। इसके बाद उन्होंने जिस नंबर से क्यूआर कोड भेजा गया था, उस पर कॉल करके अपने रुपये वापस मांगे, लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया।
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कोट-
फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर जालसाजी का मामला सामने आया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जालसाज के मोबाइल नंबर के आधार पर जांच पड़ताल की जा रही है।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी