गीता प्रेस की चर्चित कल्याण पत्रिका के नाम पर मध्य प्रदेश में जालसाजी का मामला सामने आया है। गीता प्रेस के ट्रस्टी का आरोप है कि मध्य प्रदेश में गीता प्रेस का नाम बताकर कल्याण पत्रिका का वार्षिक सदस्य बनने के लिए 300 रुपये की रसीद काटी जा रही है, जो पूरी तरीके से फर्जी है। वहां से एक व्यक्ति ने कॉल कर इसकी जानकारी दी है। इस सूचना के बाद गीता प्रेस ट्रस्ट की तरफ से साइबर सेल और मध्य प्रदेश के डीजीपी से शिकायत की गई है।
ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के रहने वाले एक व्यक्ति की दुकान में एक जालसाज फर्जी तरीके से गीता प्रेस की रसीद छपवाकर उसके जरिये कल्याण पत्रिका का वार्षिक सदस्य बनने के नाम पर 300 रुपये शुल्क ले रहा था। जबकि, गीता प्रेस अपने किसी बुक डिपो पर ही रजिस्ट्रेशन करता है, किसी के घर या दुकान पर जाकर रसीद नहीं काटता है।
रसीद में गोरखपुर का पता, मध्य प्रदेश का पिन कोड
शिकायतकर्ता ने कॉल कर बताया कि उसे जो रसीद मिली है, उसमें गोरखपुर का पता और पिन कोड मध्य प्रदेश का दिया गया है। उसने एक वीडियो भेजा है, जिसमें जालसाज रसीद काटते हुए दिख रहा है। ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल ने कहा कि सदस्यता केवल 300 रुपये है और इसके लिए किसी एजेंट की नियुक्ति नहीं की गई है। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने भी फोटो और वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
साइबर सेल की टीम जांच पड़ताल कर रही है। साक्ष्य के आधार पर जो भी दोषी होगा, उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी:
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी