गोरखपुर। राप्ती नदी का पानी निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है। डोमिनगढ़ के मीरगंज व कोलियां गांव में तीन दिनों में लगभग 2 से 3 फुट तक पानी बढ़ गया है। बेघर हुए ज्यादातर लोग बंधों पर प्लास्टिक तानकर रह हैं। डोमिनगढ़ में बंधे की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। बहरामपुर गांव में भी बाढ़ का पानी घरों में पहुंच गया है। बाले मियां के मजार पर भी पानी भरा है। बहरामपुर में प्रशासन ने 50 बाढ़ पीड़ितों और वार्ड नंबर 38 में पार्षद सरवन पटेल की मौजूदगी में सामग्री बांटी।
डोमिनगढ़ बंधे पर रह रहे हालात से मजबूर लोगों ने बताया कि खेत डूबने से पशुओं के चारे की भी समस्या आ गई है। मीरगंज गांव के निवासी चक्रधारी बंधे पर पूरा परिवार सहित रह रहे हैं। इनका घर तीन दिन पहले ही डूबा है। परिवार सहित बंधे पर शरण लिए हैं। उनका कहना था कि हमें अब खाने पीने की परेशानी हो रही है। प्रशासन से राहत की उम्मीद है। काेलियां गांव निवासी कौशिल्या व अनीता पूरे परिवार के साथ बंधे पर शरण लिए हुए वक्त बिता रहे हैं। घर में पानी भरने की वजह से अब उन्हें अपने सामान बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। कोलियां गांव के महेंद्र निषाद ने बताया कि गांव के संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है। जरूरत का सामान लेने से लिए पानी पार करके बंधे पर आ रहे हैं। वहीं भंडारी व शीला का कहना था कि वह तीन दिन से परिवार के साथ बंधे पर रह रहे हैं। यहां बच्चों को रखने में काफी डर भी लग रहा है। वहीं बहरामपुर में बाले मियां के मैदान के निकट भी लोग अस्थाई आसियाना बनाते देखे गए। मुन्ना ने बताया कि हमारे घर में पानी भर गया है। बंधे पर रहने की हमारी मजबूरी बन गई है।