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Gorakhpur News: बच्चियों की मौत का राज जानने के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाल रहा पिता

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गोरखपुर। गोरखनाथ के पार्वतीनगर काॅलोनी में नैना (06) और शीतल (03) के घर के गेट पर शुक्रवार को भी ताला लटका रहा। दोनों की मौत से सदमे में आया परिवार अपने पुराने घर चक्सा हुसैन में ठहरा हुआ है। शीतल के पिता खुशवन और मां सरिता कहती हैं कि घर पर बेटी का चेहरा सामने घूमने लगता है। शीतल के पिता खुशवन दिनभर बच्चियों की मौत का राज जानने के लिए घर के आस-पास काॅलोनी में ऐसे घरों की तलाश करते रहे, जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। कई घरों पर गए भी लेकिन घर का मुखिया न होने की वजह से उन्हें अगले दिन आने के लिए कहकर भेज दिया गया।
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खुशवन ने कहा कि कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन सुकून तभी मिलेगा, जब सच्चाई सामने होगी। उन्होंने बताया कि भाभी के अलावा भी अगर इसमें कोई और आरोपी है तो वह भी सबके सामने आना चाहिए। उसे भी इस अपराध का दंड मिलना ही चाहिए। उन्होंने बताया कि शनिवार को कुछ जगह पर सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखने जाउंगा। अगर कोई सुराग हाथ लगा तो तत्काल पुलिस को सूचना दूंगा।

बिंदू को ससुराल और मायके वालों ने छोड़ा
बुधवार को बिंदू ने अपनी बेटी नैना और भतीजी शीतल की निर्मम हत्या की थी। उसकी इस क्रूरता की वजह से ससुराल वालों के साथ ही मायके वालों ने भी उससे दूरी बना ली है। बुधवार को ससुर और देवर ने नकहा रेलवे क्रॉसिंग से उठाकर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। तब डॉक्टरों से विनती भी की थी कि साहब किसी भी तरह मेरी बहू को ठीक कर दीजिए। तीन घंटे बाद जब बिंदू की करतूत सबके सामने आई तो, उसी समय मेडिकल कॉलेज से ससुर शिव प्रसाद घर के लिए निकल दिए। परिवार से भी कहा कि कोई अब वहां नहीं जाएगा। नाम और नंबर मेडिकल कॉलेज के वार्ड में दर्ज होने की वजह से कई बार फोन भी आया, लेकिन शिव प्रसाद ने आने से इन्कार कर दिया। वर्तमान में पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। आईसीयू में कोमा की हालत में वह भर्ती है।
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देर रात घर पहुंचा बिंदू का पति
घटना की जानकारी होने के बाद शिव प्रसाद का बड़ा बेटा बिंदू के पति रवि हैदराबाद से घर के लिए निकल गए थे। पहले से कोई प्लान न होने की वजह से वह ट्रेन बदल-बदलकर गोरखपुर तक का सफर किया। शुक्रवार की देर रात वह घर पहुंचे।

कच्चा आम टॉफी थी शीतल की पसंद
पार्वतीपुरम कॉलोनी में दोनों बच्चियों के घर के ठीक बगल में एक टॉफी चॉकलेट की दुकान है। दुकानदार ने बताया कि नैना अभी कुछ दिन पहले यहां आई थी। लेकिन शीतल यहां पहले से रह रही है। वह दिनभर में कई बार दुकान पर आती थी। उसे कच्चा आम वाली टॉफी बेहद पसंद थी। तुतलाते हुए वह जब टॉफी मांगती थी तो आस-पास खड़े ग्राहक भी उसे प्यार भरी नजरों से देखने लगते थे। बहुत प्यारी बच्ची थी।
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