गोरखपुर। फर्जी स्टांप और जाली नोट छापने वाले गिरोह के सरगना बिहार के सिवान के नवाब आरजू ने कई शहरों के बैंकों में 15 खाते खोल रखे थे। इनकी जांच पड़ताल पुलिस ने शुरू कर दी है। बैंकों को नोटिस भेजकर सभी खातों का स्टेटमेंट मांगा गया है। नवाब के खातों में कहां-कहां से रुपये आए और गए, इसकी जांच कर मददगारों का पुलिस पता लगा रही है। धंधे में मददगारों की संलिप्तता की जांच कर पुलिस कार्रवाई करेगी।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि नवाब आरजू ने देशभर में अपना नेटवर्क फैला रखा है। बिहार, दिल्ली, राजस्थान समेत प्रदेश के कई जिलों में उसकी अच्छी पैठ है। नवाब ने बिहार, गोरखपुर, लखनऊ और फिरोजाबाद के बैंकों में 15 खाते खोल रखे थे। इसके जरिए वह धंधे की रकम इधर से उधर करता था। मामले में फिरोजाबाद का अर्पित जैन फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कैंट पुलिस ने कोर्ट से एनबीडब्ल्यू लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोर्ट से अर्पित को भगोड़ा घोषित होने पर उसपर इनाम रखने की तैयारी भी पुलिस कर रही है। पुलिस की जांच में प्रयागराज के एक युवक का भी नाम सामने आया है। पुलिस गुपचुप तरीके से उसकी तलाश कर रही है। बता दें कि यूपी एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने फर्जी स्टांप और जाली नोट छापकर बेचने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड नवाब आरजू व उसके साथी राजू यादव को एक सितंबर की सुबह रेलवे स्टेशन रोड से गिरफ्तार किया था। बिहार के सिवान जिले के रहने वाले आरोपियों पर गोरखपुर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।