गोरखपुर। डॉक्टरों की डिग्री के फर्जी ढंग से इस्तेमाल के मामले में फरार चल रहे कुशीनगर के अलाउद्दीन अली शाह को सिविल कोर्ट ने शुक्रवार को भगोड़ा घोषित कर एनबीडब्ल्यू जारी किया था। शनिवार को उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने 15 हजार रुपये का इनाम बी घोषित किया है।
बीते 17 मई को अलाउद्दीन के खिलाफ गुलरिहा थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था, तभी से वह फरार चल रहा है। क्राइम ब्रांच के साथ ही गुलरिहा थाने की पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है।
पुलिस ने डॉ. राहुल नायक की तहरीर पर केस दर्ज किया था। इसके बाद कुशीनगर जिले के तमकुहीराज के हरिहरपुर वार्ड नंबर तीन स्थित उसके घर पर पुलिस ने कई बार दबिश भी दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। अलाउद्दीन की पत्नी वार्ड की सभासद है। पुलिस ने उससे पूछताछ की, तब पता चला कि केस दर्ज होने के बाद से ही अलाउद्दीन के साथ ही उसका भाई भी फरार है।
पुलिस की मानें तो अलाउद्दीन फर्जी डिग्री का धंधा करने वाले गिरोह का सरगना है। वह सीएमओ ऑफिस से डॉक्टरों की डिग्री की फोटो कॉपी निकलवाकर, उससे डॉक्टर की फर्जी डिग्री और अन्य कागजात तैयार करता है। फिर उसे अन्य शहरों में बेच देता है। इससे अवैध डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित किए जाते हैं। इसके बदले अलाउद्दीन को मोटी रकम मिलती है। साथ ही गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भी अच्छी कमाई होती है। पुलिस की मानें तो अलाउद्दीन के पकड़े जाने पर कई अन्य चेहरे भी बेनकाब होंगे।
गुलरिहा थाने में डॉ. राहुल नायक की तहरीर पर 17 मई को कुशीनगर के अलाउद्दीन और प्रयागराज के राम पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। गुलरिहा पुलिस एक सितंबर को गाजीपुर जिले के भुडकुड़ा थाना क्षेत्र के पदुमपुर मैगर राय निवासी बृजेश लाल, वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के दीनापुर चिरईगांव निवासी ओमप्रकाश गौतम और वाराणसी के चौबेपुर इलाके के बराई निवासी दीपक विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है।
वर्जन-
एसएसपी ने फरार आरोपी अलाउद्दीन पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हैं।
-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी