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Gorakhpur News: अभी छह महीने झेलिए परेशानी... डोमिनगढ़ की इंटरलाकिंग अब गोरखपुर के साथ होगी

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गोरखपुर। डोमिनगढ़ स्टेशन पर पैनल बदलने और डोमिनगढ़ से जगतबेला के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम का काम छठ पूजा के बाद कराया जाएगा। त्योहार और स्पेशल ट्रेनों की संख्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने एनआई (नान इंटरलाकिंग) की अनुमति नहीं दी है। अब डोमिनगढ़ स्टेशन, जगतबेला-डोमिनगढ़ और डोमिनगढ़-गोरखपुर के बीच का सारा काम नवंबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर दिसंबर के दूसरे पखवाड़े तक कराया जाएगा। गोरखपुर से कैंट स्टेशन के बीच तीसरी लाइन की एनआई फरवरी में होगी। इसके चलते यात्रियों को साल के बाकी बचे छह महीने तक अभी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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गोरखपुर से गोंडा रूट पर आने-जाने वाली ट्रेनों को डोमिनगढ़ स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि गोरखपुर स्टेशन से डोमिनगढ़ के बीच लाइन क्लीयर बड़ी मुश्किल से मिलता है। थर्ड लाइन का निर्माण डोमिनगढ़ स्टेशन पर भी होना है। इसके अलावा यहां आरआरई पैनल की जगह इलेक्ट्रानिक पैनल लगाया जाना है। डोमिनगढ़ से जगतबेला के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम का भी काम होना है। इन सभी कार्यों में लिए 09 सितंबर से प्री एनआई और 12 सितंबर से एनआई का काम प्रस्तावित था।
लेकिन, अनुमति नहीं मिलने के बाद इस काम को 18 सितंबर के लिए टॉल दिया गया था। इस बार भी अनुमति नहीं मिली। अनुमति नहीं मिलने के पीछे का कारण यह बताया गया कि त्योहारों के बीच रेलवे ट्रैक पर निर्माण कार्य चलने से आवागमन प्रभावित होगा। इस वक्त यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं। ट्रैक बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इसलिए अब उम्मीद जताई जा रही है कि पूरा काम एक साथ इकट्ठा ही दिसंबर में होगा।
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अब आगे और बढ़ेंगी मुश्किलें
तीसरी लाइन और ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लिए गोरखपुर स्टेशन पर भी इंटरलाकिंग किया जाना है। इसके साथ ही यहां यार्ड रिमाडलिंग का भी काम होना है। नए स्टेशन भवन के निर्माण और भविष्य में बनने वाले सेंट्रल कमांड सिस्टम के लिए प्लेटफार्म नंबर नौ के बगल में नया पैनल रूम बनाया गया है। वहां आरआरई पैनल की जगह इलेक्ट्रॉनिक पैनल लगाया जाएगा।
इसके साथ ही कई लाइनों को भी बदलना है। ओल्ड वाशिंग पिट की तरफ एक अप लाइन भी जुड़नी है। इन सभी कार्यों को पूरा कराने में गोरखपुर स्टेशन पर ही महीने भर का समय लग जाएगा। अगर डोमिनगढ़ और डोमिनगढ़ से जगतबेला तक का सारा काम एक साथ होगा तो इसमें और अधिक समय लगेगा। अगर दोनों साइट को अलग-अलग कर काम किया जाएगा, तो फिर फरवरी में प्रस्तावित गोरखपुर-कैंट के बीच इंटरलाकिंग का काम प्रभावित होगा।
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