दीपावली की खुशी में सस्ते के चक्कर में कार्बाइड से बने बम ने आंखों के लिए खतरनाक साबित हुए। एम्स गोरखपुर के नेत्र रोग विभाग में 25 से ज्यादा कार्बाइड बम से प्रभावित रोगी पहुंचे हैं। इनमें पांच की हालत ज्यादा गंभीर है। उनकी आंखों की रोशनी चली गई है।
पटाखे और कार्बाइड बम के कारण इनकी आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। पांच गंभीर मरीजों को कार्निया प्रत्यारोपण की भी नौबत आ सकती है। डाॅक्टरों का मानना है कि कार्बाइड बम से आंखों को नुकसान पहुंचाने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। कई लोग निजी अस्पतालों में चले गए हैं तो कई नेपाल के भैरहवां में जाकर उपचार करा रहे हैं।
एम्स के नेत्र रोग विभाग में कुशीनगर के निवासी 17 वर्षीय सिराज अंसारी को लेकर परिजन पहुंचे। जांच में दाईं आंख की रोशनी जाने की आशंका है। ऐसा इसलिए पुतली सफेद हो चुकी है। परिजनों ने बताया कि शिराज कार्बाइड से बना बम जला रहा था।
कार्बाइड से बने बम और पटाखों के कारण कई लोगों की आंखों में गंभीर क्षति पहुंची है। कुछ की क्षति इतनी ज्यादा है कि कार्निया प्रत्यारोपण की नौबत आ सकती है। तत्काल अस्पताल न पहुंचकर कई लोगों ने इधर-उधर उपचार कराया, इस कारण नुकसान बढ़ता गया है:
डाॅ. नेहा सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, नेत्र रोग विभाग, एम्स गोरखपुर