गोरखपुर। दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा और छठ पूजा में तेज आवाज में डीजे बजाने पर पहले पुलिस चेतावनी देगी, इसके बाद भी न माने तो सिस्टम जब्त कर लिया जाएगा। दुर्गा प्रतिमा स्थापना से लेकर विसर्जन तक के लिए एक पुलिसकर्मी को नोडल अफसर बनाया जाएगा। इसके अलावा डीजे संचालकों और मूर्ति स्थापना समिति के साथ पुलिस के जिम्मेदार बैठक करेंगे और उन्हें हाईकोर्ट के नियम-कानून को बताएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर केस दर्ज कर पुलिस उन्हें जेल भेजेगी।
जानकारी के मुताबिक, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इसको लेकर खाका तैयार कर लिया है। त्योहार में सुरक्षा के लिहाज से तैयारी शुरू कर दी गई है। इसमें खास ध्यान रखा गया है कि तेज आवाज में डीजे न बजने दिया जाए, ताकि लोगों को दिक्कतें न हो। एसएसपी ने बताया कि मूर्ति स्थापित करने वाली समितियों के अलावा डीजे संचालकों के साथ भी बैठक कर उन्हें भी नियम-कायदा समझाया जाएगा। बताया जाएगा कि उल्लंघन पर डीजे सिस्टम को जब्त कर लिया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि थाने और हर मूर्तिकार के यहां पर दरोगा रैंक के एक-एक पुलिसकर्मी को नोडल बनाया जाएगा, जो यह जानकारी जुटाएंगे कि कितनी मूर्तियां स्थापित हो रहीं हैं।
मूर्तिकार से पुलिस यह फीडबैक लेगी कि उसके यहां से कहां-कहां और कितनी मूर्तियां गई हैं। उस जानकारी को समितियों की ओर से दी गई मूर्तियों की सूचना से मिलान कराकर सूची तैयार कराई जाएगी। साथ ही मूर्ति जहां स्थापित हो रही है, उस क्षेत्र के एक-एक सिपाही को उसका नोडल बनाया गया है, जो यह सुनिश्चित कराएगा कि मूर्ति किस दिन स्थापित होगी, किस दिन और किस रूट से विसर्जन को जाएगी। माइक और साउंड बजने की क्षमता कोर्ट के निर्देशों के अनुसार है कि नहीं। साथ ही इस बार अग्निशमन यंत्र लगाने और बिजली कनेक्शन के बारे में भी निर्देशित किया गया है। सिपाही इसे भी सुनिश्चित कराएगा।