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Gorakhpur News: सब कहते थे मास्टरजी...निकला साइको किलर

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गोरखपुर। बांसगांव के भैंसा रानी गांव में सोमवार को डेढ़ साल के मासूम दिव्यांश की निर्मम तरीके से की गई हत्या से हर कोई हैरान है। गांव के लोग विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि जिस युवक को सभी मास्टरजी कहकर सम्मान देते थे, वह साइको किलर निकलेगा। जिस तरह ईंट से मार-मार कर उसने मासूम की जान ले ली है, उससे उसका खौफनाक चेहरा सबके सामने आ गया।
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डेढ़ साल के दिव्यांश का हंसता मासूम चेहरा देख हर कोई उसे गोद में उठा लेता था। वह भी हर किसी के साथ खेलने लगता था। घर के बरामदे और गली जहां वो जमीन पर बैठकर खेला करता था, वहां मां और दादी की नजर अब भी उसे तलाश रही हैं। दिव्यांश की मां नीतू ने कहा कि जिस आदमी को पड़ोसी होने के नाते भूख लगने पर खाना खिला दिया जाता था, उसी इंसान ने मेरे बच्चे को ईंट से कूंचकर मार डाला। सारी महिलाएं अपने बेटे की लंबी उम्र के लिए जिउतिया व्रत हैं। मैं कैसे व्रत रहूं, मेरे बेटे को तो आंखों के सामने ही ईंट से कूंचकर मास्टर ने मार डाला और हमलोग उसे बचा भी नहीं पाए।





दादी बोली-रोने पर धमकी दे रहा था एंबुलेंस चालक



दिव्यांश की दादी सुगना देवी बोलीं नाती को खून से लथपथ हाल में देख कर मैं रोने लगी। समय इतना खराब चल रहा था कि ठीक से रो भी नहीं सकती थी। जिस एंबुलेंस से दिव्यांश को लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे, उसका चालक मेरे रोने पर बच्चे समेत सभी लोगों को गाड़ी से उतारने की धमकी दे रहा था। सुगना देवी ने बताया कि सोमवार को शाम के समय अपने नाती को खिला रही थी। साथ में उसकी बड़ी बहन दीपांजलि भी थी। बहन उसे खिलाते हुए घर के पास गली में ले गई, वहां और भी बच्चे खेल रहे थे। तभी सुबह से घात लगाकर बैठे रंजीत ने दिव्यांश को दबोच लिया और उसके सिर पर ईंट से मारने लगा। मेरे द्वारा छीनने पर भी बच्चे को नहीं छोड़ा। परिवार के सदस्य आए तब जाकर उसे छुड़ा पाए।
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पहले भी गांव में कमानी से ही हमला कर चुका है मास्टर

दिव्यांश की बहन दीपांजलि के सामने ही सारी घटना हुई थी। उसने बताया कि हमारे बाबू की मास्टरजी ने ईंट से मारकर जान ले ली। मैं चिल्लाती रही, लेकिन वह सुन ही नहीं रहे थे। वहीं भाई अर्पित ने कहा कि मेरा भाई भगवान के पास चला गया, अब हम किसके साथ खेलेंगे। गांव के मनोज ने बताया कि चार पांच साल पहले भी चौराहे पर स्थित चाय की दुकान पर संतोष यादव नामक व्यक्ति पर रंजीत गाड़ी की कमानी से हमला करने जा रहा था, तब वहां मौजूद लोगों ने उसे भगा दिया था। पता होता कि आगे रंजीत इतनी बड़ी घटना कर देगा तो उसी दिन उससे सतर्क हो गए होते।
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