गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल और 500 बेड बाल रोग संस्थान को कोविड संकट के वक्त मिली मशीनें अभी भी गोदाम में रखी हैं। इनमें से कई मशीनों का वारंटी समय भी समाप्त होने वाला है। कालेज प्रशासन ने वीडियो इंडोस्कोपी मशीन और ध्वनि तरंगों के माध्यम से किडनी की पथरी तोड़ने वाली लिथोट्रिप्सी मशीन को महीने भर के अंदर स्टाॅल कराने का निर्णय लिया है।
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में आई कैथलैब मशीन (फ्लाेरोस्कोपी मशीन) की वारंटी इसी साल मार्च में पूरी हो गई थी। हार्ट-लंग मशीन, इंट्रा एओर्टिक बैलून पंप, डायलाइजर रिप्रोसेसिंग सिस्टम, इंक्यूबेटर, हाट एयर ओवेन, सेंटीफ्यूज, माइक्रोस्कोप, अल्ट्रासोनिक एस्पेरेटर समेत अनेक मशीनें व उपकरण जैसे आए थे, वैसे ही रखे हुए हैं। पता चला कि अनेक मशीनें कोविड काल में नेहरू अस्पताल के कई विभागों में भेज दी गई थीं। किडनी रोगियों की डायलिसिस के लिए आईं हीमोडायलिसिस मशीनें सुपर स्पेशयलिटी ब्लॉक में नहीं हैं।
खाेजबीन के बाद पता चला कि पांच मशीनें नेहरू अस्पताल के मेडिसिन विभाग व 10 मशीनें 500 बेड बाल रोग चिकित्सा संस्थान में रखी हुई हैं। लिवर सिरोसिस की जांच करने वाली फाइब्रो स्कैन मशीन नेहरू अस्पताल के मेडिसिन विभाग में है। एक्सरे व कलर डाॅप्लर रेडियोलाॅजी विभाग में तथा एनलाइजर, टिश्यू प्रोसेसर व 5- पार्ट सेल काउंटर पैथोलाॅजी विभाग में है। इन विभागों को पत्र लिखकर इन मशीनों को सुपर स्पेशियलिटी विभाग में भेजने को कहा गया है।
वर्जन
कोविड संक्रमण काल के दौरान सुपर स्पेशयलिटी ब्लॉक संचालित नहीं था तो कई उपकरण कॉलेज के दूसरे विभागों में भेज दी गई थीं। इन मशीनों को अब वापस सुपर स्पेशयलिटी विभाग में इंस्टाल करने का निर्देश दिया गया है।
डाॅ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कालेज