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जिला पंचायत बोर्ड : CMO के नहीं पहुंचने पर हंगामा, सीडीओ ने फोन कर बुलाया- जानिए आखिर सदस्य क्यों हो गए नाराज

Wed, 12 Mar 2025 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो

सार

बैठक में सदस्यों की सबसे ज्यादा नाराजगी बिजली निगम को लेकर रही। बैठक में मौजूद एक्सईएन, एसडीओ आदि ने अपने-अपने क्षेत्रों में नई पोस्टिंग का हवाला देकर समय मांगा। इसपर सदस्यों ने कहा कि नया होना कोई तर्क नहीं है। काम सिस्टम से चलता है और बिजली विभाग की कार्यशैली देखकर लग रहा है कि कोई सिस्टम नहीं है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह साथ में विधायक फतेह बहादुर सिंह, सीडीओ संजय कुमार मीना व अन्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के न आने पर सदस्यों ने हंगामा कर दिया। सीएमओ ने अपने प्रतिनिधि को बैठक में भेजा था। सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें कोई प्रतिनिधि स्वीकार नहीं है। इसके बाद सीडीओ संजय कुमार मीना ने फोन कर सीएमओ को बुलाया। हंगामे की खबर सुनकर सीएमओ बैठक में पहुंच गए।

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जिला पंचायत की बोर्ड बैठक मंगलवार को अध्यक्ष साधना सिंह की अध्यक्षता में दोपहर एक बजे शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही जिला पंचायत सदस्य मायाशंकर शुक्ला ने सीएमओ के न आने पर आपत्ति दर्ज कराई। इसपर बताया गया कि सीएमओ के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित हैं।

सदस्यों ने कहा कि उन्हें प्रतिनिधि मंजूर नहीं हैं। सदन में सदस्यों का शोर गूंजने लगा। इसके बाद सीडीओ ने फोन कर सीएमओ को आने को कहा। जिसके बाद वह वहां पहुंचे।
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बैठक में सदस्यों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं उठाईं। सड़क, बिजली व पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दे पर सदस्यों ने कहा कि पिछली बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों को लागू नहीं कराया गया है। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई। कहा कि कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।

बिजली निगम की कार्यशैली पर आक्रोश
बैठक में सदस्यों की सबसे ज्यादा नाराजगी बिजली निगम को लेकर रही। बैठक में मौजूद एक्सईएन, एसडीओ आदि ने अपने-अपने क्षेत्रों में नई पोस्टिंग का हवाला देकर समय मांगा। इसपर सदस्यों ने कहा कि नया होना कोई तर्क नहीं है। काम सिस्टम से चलता है और बिजली विभाग की कार्यशैली देखकर लग रहा है कि कोई सिस्टम नहीं है। मायाशंकर ने बिजली निगम की लापरवाही से हुई दुर्घटनाओं की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया।

77 करोड़ के अनुमानित बजट पर मुहर
बैठक में अपर मुख्य अधिकारी वीके सिंह की ओर से बजट प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2024-25 में 71 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दी गई। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2025-26 में 77 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट पर मुहर लगाई गई। अगले साल केंद्रीय वित्त एवं राज्य वित्त मिलाकर 56 करोड़ रुपये के बजट का प्रविधान किया गया।

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