गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के चर्चित प्रोफेसर जोन्नाडा एवी प्रसादा राव को डीडीयू प्रशासन सोमवार को रिमाइंडर भेज दिया। डीडीयू प्रशासन ने दो दिन में प्रो. जोन्नाडा से जवाब मांगा है। नोटिस विभाग में भेजने के साथ ही ईमेल, व्हाट्सएप और स्पीड पोस्ट किया गया है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीते 26 सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 28 तक जवाब मांगा था। उनको यह नोटिस ई मेल, व्हाट्सएप, पोस्ट और विभाग में भेज कर दिया गया है। लेकिन प्रो. जोन्नाडा का जवाब नहीं मिलने पर सोमवार को नोटिस रिमाइंडर जारी किया गया। डीडीयू प्रशासन के मुताबिक प्रो. जोन्नाडा को कर्मचारियों ने नोटिस रिसीव कराने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने नोटिस रिसीव नहीं किया। इसके बाद विभाग में भेज दिया गया है। ईमेल, व्हाट्सएप और स्पीड पोस्ट भी किया गया है।
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यह है मामला
दरअसल, आंध्र प्रदेश के 17 विश्वविद्यालयों के कुलपति पद के लिए एक साथ विज्ञापन निकला था। इसमें बायोटेक्नोलॉजी के प्रो. जोन्नाडा भी दावेदारी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय से एनओसी के लिए आवेदन किया था। डीडीयू प्रशासन ने एनओसी देने के साथ ही उन पर हुई कार्रवाइयों की जानकारी भी दी गई थी। प्रो. जोन्नाडा एनओसी इस तरह चाहते थे कि उसमें किसी कार्रवाई का उल्लेख न हो। इसी बात को लेकर 25 सितंबर को उन्होंने कुलपति कार्यालय पर चार घंटे तक धरना दिया था। वहां से उन्हें सीओ कैंट की मौजूदगी में सुरक्षाकर्मियों ने जबरन हटाया था। डीडीयू प्रशासन ने एनओसी आंध्र प्रदेश के चांसलर को भी ईमेल किया था।
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वर्जन...
प्रो. जोन्नाडा राव की ओर से नोटिस का जवाब नहीं दिए जाने पर सोमवार को रिमाइंडर दिया गया है। दो दिन में उनसे जवाब मांगा गया है। जवाब नहीं मिलने पर एक और रिमाइंडर दिया जाएगा। उसके बाद कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
प्रो. शांतनु रस्तोगी, कुलसचिव, डीडीयू