गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय व इंटेक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज) पूर्वांचल की विरासतों का संरक्षण साथ मिलकर करेंगे। इसे लेकर दोनों संस्थाओं ने एक-दूसरे की ओर हाथ बढ़ाया है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग और इंटेक के बीच इसे लेकर एक अनुबंध किया गया।
अनुबंध पत्र पर विभाग की ओर से अध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी और इंटेक की ओर से गोरखपुर चेप्टर के संयोजक महावीर कंडोई ने हस्ताक्षर किए। अनुबंध के बाद इंटेक की ओर से प्राचीन इतिहास विभाग के संग्रहालय को डिजिटलाइज करने का आश्वासन भी दिया गया। इस अवसर पर कुलपति प्राे. पूनम टंडन ने कहा कि पूर्वांचल के लोग दुनिया में लंबे अतीत के वंशज हैं।
हमारी गौरवशाली परंपरा है। यह परंपरा प्राचीन इतिहास विभाग के संग्रहालय में संरक्षित है। इंटेक के साथ से यह आधुनिकतम तरीके से संरक्षित रखना संभव हो सकेगा। प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने बताया कि हमारा संग्रहालय नव पाषाण काल से लेकर और पूर्व मध्यकाल तक के विगत मनुष्यों की सृष्टि एवं कृतियों को संरक्षित किए हुए है।
महावीर कंडोई ने ने इंटेक के उद्देश्यों एवं पूर्वांचल में उसके द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रो. राजवंत राव, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, अचिंत्य लाहिड़ी, मुमताज खान, आशीष अस्थाना, प्रो. कमलेश गौतम आदि मौजूद रहे।ल