गोरखपुर। सनहा गांव से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता आजाद निषाद (20) की हत्या में उसके साथ गई युवती के चचेरे भाई का नाम सामने आया है। अभी तक की जांच में पुलिस को पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि रात में युवक और युवती को साथ देखकर चचेरे भाई ने वारदात को अंजाम दिया है। आजाद का शव शनिवार सुबह मलौली बांध के पास राप्ती नदी में मिला।
पुलिस सूत्रों की माने तो आजाद और उसके गांव की युवती अक्सर भोर में पोखरे के पास एक दूसरे से मिलते थे। यह बात युवती के चचेरे भाई विजय को पता चल गई थी। उसने आजाद को मारने की धमकी भी दी थी। शुक्रवार रात करीब 3:30 बजे आजाद से मिलने पोखरे के पास युवती पहुंची। इस बीच विजय भी वहां पहुंचकर छिप गया। जैसे ही दोनों ने बातचीत करनी शुरू की, विजय ने आजाद के सिर पर कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद युवती को घर पहुंचा दिया। वह फिर घटनास्थल पर पहुंचा और आजाद के शव को राप्ती नदी में फेंक दिया।
उधर, शनिवार को राप्ती नदी में आजाद का शव उतराता देख ग्रामीणों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। नौवा अब्बल से मिर्जापुर जाने वाली सड़क को परिजनों व ग्रामीणों ने गाड़ी लगाकर आधे घंटे तक जाम कर दिया। सीओ कैंट अंशिका वर्मा के काफी समझाने पर वे माने।
शुक्रवार से ही गायब थे युवक-युवती
सनहा गांव में शुक्रवार की भोर में आजाद और युवती लापता हो गए थे। इस दौरान युवती के परिजन घर में ताला बंदकर फरार हो गए। तब युवक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। बेचू निषाद का बेटा आजाद हाईस्कूल तक पढ़ाई कर मछली पालन का काम करता था। उसने अपने घर से पांच सौ मीटर की दूरी पर एक पोखरा 20 हजार रुपये वार्षिक की दर से किराए पर लिया था। रोजाना भोर में चार बजे पोखरे पर मछली की रखवाली करने जाता था।