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जरा सी बात में ले ली जान: सिर्फ बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली थी, पूर्व बीडीसी ने ईंट से कूच दिया था सिर- मौत

Mon, 06 Jan 2025 01:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो

सार

पुलिस के अनुसार राजन निषाद के पिता के ब्रह्मभोज कार्यक्रम में दूसरे टोला सिंहोरवा निवासी (पूर्व बीडीसी) अनिल निषाद अपनी मौसी के लड़के आर्यन निषाद के साथ पहुंचा था। कार्यक्रम में भीड़ ज्यादा थी तो कुर्सी नहीं मिली, जिस पर अनिल निषाद ने भोजन करने से मना कर दिया। राजन का चचेरा साला धर्मेंद्र निषाद और बहनोई बहादुर निषाद लोगों को भोजन करा रहे थे।
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मृतक धर्मेंद्र निषाद( फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गुलरिहा/भटहट (गोरखपुर)। मारपीट में घायल रामगढ़ताल के रामगढ़ निवासी धर्मेंद्र निषाद (35) की रविवार को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं उसके बहनोई बरगदही के बहादुर निषाद की हालत गंभीर बनी है। गुलरिहा पुलिस ने केस दर्ज कर पूर्व बीडीसी समेत सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया।

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पुलिस का कहना है कि पूर्व बीडीसी अनिल निषाद ने बेइज्जती का बदला लेने के लिए साथियों के साथ हमला कर धर्मेंद्र व बहादुर का सिर ईंट से कूच दिया था। घटना में शामिल आरोपियों में गुलरिहा के बरगदही निवासी अनिल निषाद, दहला टोला निवासी आर्यन निषाद, परसौना के हरिओम यादव और भटहट के सारिब खान का नाम शामिल है।

धर्मेंद्र के पिता राम सजन की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने सभी आरोपियों पर शनिवार को ही हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। धर्मेंद्र की मौत के बाद पुलिस ने हत्या की धारा बढ़ा दी है।
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मफलर में ईंट पत्थर भरकर किया वार
गुलरिहा थाना क्षेत्र के बरगदही में शनिवार की शाम ब्रह्मभोज कार्यक्रम में प्रॉपर्टी डीलर (पूर्व बीडीसी) अनिल को उचित सम्मान नहीं मिला तो वह बेइज्जती का बदला लेने के लिए साले-बहनोई धर्मेंद-बहादुर पर साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मफलर में ईंट-पत्थर भरकर दोनों युवकों को बुरी तरह मारपीट कर घायल कर दिया था।

कुर्सी न मिलने पर नाराज हो गया था पूर्व बीडीसी
पुलिस के अनुसार राजन निषाद के पिता के ब्रह्मभोज कार्यक्रम में दूसरे टोला सिंहोरवा निवासी (पूर्व बीडीसी) अनिल निषाद अपनी मौसी के लड़के आर्यन निषाद के साथ पहुंचा था। कार्यक्रम में भीड़ ज्यादा थी तो कुर्सी नहीं मिली, जिस पर अनिल निषाद ने भोजन करने से मना कर दिया।

राजन का चचेरा साला धर्मेंद्र निषाद और बहनोई बहादुर निषाद लोगों को भोजन करा रहे थे। अनिल को बहादुर ने मित्रवत कहा कि कैसे नहीं खाओगे। यह बात अनिल के मौसेरे भाई आर्यन को बुरी लग गई, इस पर दोनों में हाथापाई होने लगी। बीच-बचाव के बाद अनिल और आर्यन ने 200 मीटर दूर जाकर दुकान से शराब लेकर पी।

इसके बाद कॉल करके सारिब और हरिओम यादव को बुला लिया। चारों मिलकर अर्जुन के किराने की दुकान के पास बहादुर का इंतजार करने लगे। कुछ ही देर में जब बहादुर और धर्मेंद्र बाइक से जाते दिखे तो उनपर हमला कर दिए। आरोपियों ने धर्मेंद्र निषाद के जमीन पर गिरते ही पास में पड़े ईंट के बोल्डर से तीन बार वार कर सिर कूच दिया। मरा समझकर अनिल अपनी बुलेट छोड़ साथियो के साथ फरार हो गया।

घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल
धर्मेंद्र के पिता राम सजन ने बताया कि जवान बेटा चला गया, कम उम्र में उसकी पत्नी पूनम विधवा हो गई और दो छोटे-छोटे बच्चे लावारिस हो गए। वहीं घटना के बाद मां सुमित्रा देवी और पत्नी पूनम का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।

कुछ लोग कर रहे आरोपियों का बचाव
मृतक के रिश्तेदार का कहना है कि एक नेता आरोपियों का बचाव कर रहा है। बताया कि आरोपी आर्यन पर पहले से कई केस चल रहे हैं। इसीलिए वह बरगदही गांव में छिपकर रह रहा था। अपनी रिश्तेदारी में पुलिस से छिपकर रह रहा था।

आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है। आगे और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी

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