इन्हीं मां बेटी की हत्या तीन महीने पहले की गई थी( फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। चौरीचौरा क्षेत्र के शिवपुर चकदह गांव में मां-बेटी की हत्या के मामले में एसएसपी के निर्देश पर विवेचक के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। 90 दिन बाद भी पुलिस चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। इसका फायदा डबल मर्डर के आरोपी संजय उर्फ शैलेंद्र को मिला और उसे सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई है। इसे एसएसपी ने विवेचना में लापरवाही मानते हुए जांच के निर्देश दिए थे।
बीते 29 मार्च की रात करीब 1:30 बजे पूनम (45) और उनकी बेटी अनुष्का (13) की गड़ासे से काटकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के वक्त पूनम की बड़ी बेटी खुशबू दूसरे कमरे में बंद थी। हत्यारे पूनम का मोबाइल भी उठा ले गए थे। पुलिस ने मामले में खुशबू की तहरीर पर गांव के ही कोटेदार संजय उर्फ शैलेंद्र के साथ उसके पिता और भाई के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
शैलेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मामले की विवेचना चौरीचौरा थाना प्रभारी वेद प्रकाश शर्मा कर रहे थे। वारदात के 90 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले का पर्दाफाश नहीं कर पाई। विवेचक ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं की।
इसका फायदा उठाकर मुख्य आरोपी के अधिवक्ता ने सिविल कोर्ट में जमानत की अर्जी दे दी, जिसकी एक कॉपी थाने में भी गई थी। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने इसका भी संज्ञान नहीं लिया। सिविल कोर्ट ने आरोपी का प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए उसकी जमानत मंजूर कर ली।
मुख्य आरोपी को कैसे जमानत मिली, विवेचना में कहां और क्यों लापरवाही बरती गई है, इसकी प्रारंभिक जांच शुरू करा दी गई है। जांच में दोषी जाए जाने पर विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी:
राज करन नय्यर, एसएसपी