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Gorakhpur News: व्यापारियों के रुपये लेकर भागने वाली कंपनी के संचालक-सीएमडी पर केस

Mon, 17 Feb 2025 02:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो
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बरगदवां स्थित कंपनी का एटीएम बूथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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इंदौर की कंपनी द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट थ्रेफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी पर व्यापारियों और अन्य लोगों से छह करोड़ से अधिक की जालसाजी के आरोप में रविवार को शाहपुर थाने में सीएमडी और संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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आधार कार्ड मिलने पर सीएमडी की पहचान महाराष्ट्र के पुणे निवासी समीर अग्रवाल के रूप में हुई। वहीं संचालक के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि वह दुबई भाग गया है।

जानकारी के मुताबिक, बशारतपुर निवासी विद्यानंद यादव की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। विद्यानंद यादव ने तहरीर देकर बताया है कि वर्ष 2017 में द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थिप्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (एलयूसीसी) का ऑफिस शाहपुर इलाके में खुला था।
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उस समय बताया गया कि संस्था भारत सरकार के कृषि मंत्रालय से 2012 में पंजीकृत है। इसका मुख्यालय इंदौर में और गोरखपुर में आसपास के जिलों में मुख्य ब्रांच है।

तब कंपनी के सीएमडी ने बताया था कि कंपनी पांच वर्ष में ही रुपये को दोगुना कर देगी। कंपनी एक वर्ष के लिए रुपये जमा करने पर 5.25 प्रतिशत और तीन वर्ष के लिए जमा करने पर 6.25 प्रतिशत से बढ़ते क्रम में ब्याज देगी। उसकी बातों में आकर गोरखपुर में 20 से अधिक एजेंट कंपनी से जुड़ गए। उन्होंने आरोप लगाया है कि करीब छह करोड़ से अधिक रुपये लेकर कंपनी भागी है।

इन लोगों ने पहले तो अपने दस से 15 लाख रुपये दोगुना करने के लिए जमा कर दिए और फिर लोगों को स्कीम बताने लगे। विश्वास दिलाने के लिए कंपनी की ओर से एटीएम लगाने वाली संस्था को अपनी कंपनी से पंजीकृत बताया।

इससे लोगों को विश्वास हो गया और कंपनी में रुपये जमा करने लगे। विद्यानंद ने बताया कि उन्होंने जिन लोगों के रुपये जमा कराए थे, उनकी समय अवधि पूरी हुई, लेकिन रकम नहीं मिली। लोग रकम के लिए दबाव बनाने लगे तो अचानक एक दिन मुख्य शाखा में ताला लटका मिला। वाराणसी और बाराबंकी में भी कंपनी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज है।

एजेंट बोले
डेयरी का काम करता हूं। कंपनी में एजेंट के रूप में काम करना शुरू किया। मेरा 1.45 लाख और अन्य परिचितों से करीब 15 लाख रुपये जमा कराए थे: विद्यानंद यादव, एजेंट

कंपनी में बतौर एजेंट काम कर रहा था। 12 लाख मेरे और अन्य लोगों से 25 लाख रुपये जमा कराए थे। इसके बाद कंपनी रुपये लेकर भाग गई। पैसे जम करने वाले बार-बार रास्ते में घेर ले रहे हैं: अरविंद गुप्ता, एजेंट

कंपनी ने इस तरह समझाया कि मुझे विश्वास हो गया कि यहां रुपये डूबेंगे नहीं। लेकिन विश्वासघात कर धोखाधड़ी की गई है। इसमें बहुत से लोगों के रुपये डूब गए हैं। कंपनी का सीएमडी दुबई भाग गया है:संजय अग्रहरी, एजेंट

एजेंट की शिकायत पर जांच कर शाहपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। कंपनी के संचालक और सीएमडी के मोबाइल नंबर से लोकेशन पता किया जा रहा है। साक्ष्य के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी: रवि कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ
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