तरकुलहा देवी मंदिर में सोमवार को दर्शन करने आई दो महिलाओं का अपहरण करने के मामले में चौरीचौरा पुलिस ने बोलेरो चालक और दो अज्ञात के खिलाफ मंगलवार को केस दर्ज कर लिया।
सोमवार को देवरिया के बरियारपुर इलाके के कुसहरी निवासी लक्ष्मी नारायण मद्धेशिया की पत्नी का पैर कुचने के बाद बोलेरों में बैठे मनबढ़ों ने उनकी पत्नी और भाभी को गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए थे। लक्ष्मी नारायण की सूचना के बाद पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद पांच घंटे बाद करीब 60 किलोमीटर दूर देवरिया के बरहज से बरामद किया है।
देवरिया के लक्ष्मी नारायण मद्धेशिया ने चौरीचौरा पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह सोमवार को परिवार के साथ तरकुलहा मंदिर में कड़ाही चढ़ाने आए थे। इसी बीच मंदिर के पास एक बोलेरो चालक ने उनकी पत्नी बबिता के पैर पर गाड़ी चढ़ा दी।
आसपास के लोगों के जुटने पर गाड़ी में बैठे दो अन्य लोगों ने पत्नी और भाभी को जबरन गाड़ी में बैठा लिया और उपचार कराने की बात करते हुए फरार हो गए। जब वह पत्नी के मोबाइल फोन पर संपर्क करना चाहे तो मनबढ़ गाली देते हुए फोन काट दे रहे थे।
सूचना पर पीआरवी पुलिस ने आकर जांच पड़ताल की और तरकुलहा चौकी प्रभारी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने लोकेशन के आधार पांच घंटे बाद बोलेरो और लक्ष्मीनारायण की पत्नी व भाभी को देवरिया के बरहज से बरामद किया। पत्नी के पैर का पंजा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है, उसकी हड्डी भी टूट गई है। देवरिया के एक अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।
गाड़ी में बैठा था मालिक, मऊ में है तैनाती
तरकुलहा मेला में जिस बोलेरों से महिला का पैर कुचला गया, उस समय गाड़ी का मालिक राकेश सिंह भी उसमें बैठा था। वह मऊ के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के कमलापुर का रहने वाला है। राकेश मऊ में ही राजस्व निरीक्षक पद पर तैनात है।
वहीं, गाड़ी चलाने वाला हरेंद्र भी उसी के गांव का है। पुलिस ने आरोप पत्र 41 पर हस्ताक्षर कराने के बाद दोनों को छोड़ दिया है। चर्चा है कि राकेश अपने चालक के साथ किसी काम से गोरखपुर आया था। इसके बाद दोनों तरकुलहा मेला गए और वहां नशा व भोजन करने के बाद वापस जा रहे थे।
इसी बीच दुर्घटना हो गई। सीओ चौरीचौरा नितिन तनेजा ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। गाड़ी में बैठे चालक व मालिक को छोड़ दिया गया है। बोलेरों पुलिस के कब्जे में है।
दहशत के पांच घंटे याद कर सहम जा रही दोनों महिलाएं
तरकुलहा देवी मंदिर में बोलेरो की ठोकर के बाद दोनों महिलाओं को मनबढ़ जबरन गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए। इसके बाद वह पांच घंटे तक इधर-उधर घुमाते रहे। इस दौरान लक्ष्मी नारायण उनके मोबाइल पर फोन करते रहे लेकिन वह सही लोकेशन न बताकर उनको छकाते रहे।
नशे में धुत बोलेरो में सवार तीनों के कब्जे में महिलाओं को जिस यातना को झेलना पड़ा व याद कर ही सहम जा रही हैं। घायल महिला बबिता का उपचार देवरिया के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। लक्ष्मी नारायण ने बताया कि मोबाइल पर फोन जाने पर मनबढ़ उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे।
वह तरकुलहा मंदिर से करीब 60 किलोमीटर दूर बरहज लेकर चले गए। पुलिस ने किसी प्रकार उनका लोकेशन प्राप्त कर महिलाओं को बरामद किया। चौरीचौरा पुलिस आरोपियों को भी हिरासत में लेकर बोलेरो को कब्जे में ले लिया।