गोरखपुर। एम्स परिसर में संचालित जिस पुष्पा कैंटीन को एक्सपायरी डेट की नमकीन मिलने के बाद बंद करा दिया गया था, उसने मालिक ने अपना लाइसेंस एम्स प्रशासन के सामने प्रस्तुत किया है। अब इसे जल्द ही सशर्त कैंटीन संचालन की अनुमति मिल सकती है। कैंटीन पर निगरानी के लिए एम्स की तरफ से एक कमेटी का भी गठन किया जाएगा।
एम्स में पुष्पा फूड एंड बेकर्स की तरफ से तीन कैंटीन व दो आउटलेट संचालित किए जा रहे थे। पिछले सप्ताह कैंटीन में पराठा में कीड़ा मिलने व एक्सपायरी डेट की नमकीन मिलने का मामला सामने आया था। इसके बाद एम्स के प्रेसिडेंट देश दीपक वर्मा ने जिला प्रशासन से टीम बनाकर कैंटीन की जांच कराई। इस दौरान कैंटीन में एक्सपायरी डेट की नमकीन व कुछ अन्य सामान मिलने की बात कही गई थी।
प्रशासन ने कैंटीन को अगले आदेश तक बंद कराने का आदेश चस्पा करा दिया था। तब से कैंटीन व उसके आउटलेट बंद चल रहे हैं। बुधवार को कैंटीन संचालक ने अपना पक्ष कार्यकारी निदेशक के कार्यालय को उपलब्ध कराया। अब जानकारी आई है कि कैंटीन संचालक को स्थानीय स्तर पर कैंटीन संचालन का भी लाइसेंस मिल गया है। लाइसेंस मिलने के बाद उसे कैंटीन संचालन की अनुमति भी जल्द मिल जाएगी।
वर्जन
कैंटीन संचालक ने अपना लाइसेंस प्रस्तुत किया है। कैंटीन बंद होने से मरीजों के साथ आए लोगों को खाने-पीने की दिक्कत हो रही है। इसे देखते हुए कुछ औपचारिकता के बाद कैंटीन शुरू करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। एक कमेटी भी बनाई जाएगी कि कैंटीन संचालन पर नजर रखेगी।
डॉ. जीके पॉल, कार्यकारी निदेशक, एम्स