गोरखपुर। फर्जी व कूटरचित दस्तावेज के सहारे विक्रेता का नाम बदलकर उसके भाई के हिस्से की जमीन पर भी जालसाज ने नाम चढ़वा लिया। न्यायालय में मामला उजागर होने के बाद कैंट पुलिस ने नायब तहसीलदार पिपराइच की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धारा में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
नायब तहसीलदार पिपराइच डॉ. भागीरथी सिंह ने पुलिस काे दी तहरीर में बताया कि न्यायालय नायब तहसीलदार पिपराइच में अच्युतानंद पांडेय बनाम मिठाई का वाद चल रहा है। इसकी जांच में सामने आया है कि बेलीपार थाना क्षेत्र के चेरिया और वर्तमान में जंगल रानी सोहास कुंवरी निवासी अच्युतानंद पांडेय पुत्र मुक्तीनाथ पांडेय द्वारा 5 सितंबर 1991 को विक्रय पत्र में छेड़छाड़ कर विक्रेता वशु पुत्र रामधन निवासी जंगल रानी सोहास कुंवरी व क्रेता अच्युतानंद पांडेय पुत्र मुक्तीनाथ पांडेय ने फर्जी तरीके से विक्रेता का नाम बदलकर वशु के स्थान पर मिठाई पुत्र रामधन का नाम दर्ज कर न्यायालय को धोखे में रखा, और नामांतरण आदेश पारित करा लिया।
इस मामले के संज्ञान में आने पर तत्कालीन नायब तहसीलदार द्वारा एक सितंबर 2021 को पूर्ववत आदेश को निरस्त कर दिया गया। इस मामले में पीड़ित मिठाई द्वारा प्रार्थनापत्र देकर अच्युतानंद पर कार्रवाई की मांग की गई है।
कैंट पुलिस ने नायब तहसीलदार की तहरीर पर आरोपी अच्युतानंद के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।