गोरखपुर। दो अक्तूबर को गोरखनाथ क्षेत्र के पार्वतीनगर काॅलोनी में बेटी नैना (06) और भतीजी शीतल (03) की हत्या कर ट्रेन के आगे कूदने वाली बिंदु की छठवें दिन सोमवार को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार को उसकी मौत के साथ ही बच्चियों की हत्या का राज भी हमेशा के लिए दफन हो गया। पूरा परिवार तबाह होने बेसुध पति का दुख यह भी है कि अब उसे बच्चियों के मारे जाने की हकीकत कभी पता नहीं चल सकेगी।
बिंदु के देवर खुशवन ने बताया कि सोमवार की सुबह गोरखनाथ थाने से मौत की सूचना मिली थी। मेडिकल कॉलेज जाकर पंचनामा भर दिया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। भाभी के मायके महाराजगंज के पनियरा में रहने वाले परिजनों को उनकी मौत की सूचना दी गई, लेकिन वहां से कोई आने को तैयार नहीं था। हालांकि बाद में बड़े भाई पिंटू दाह संस्कार के समय राजघाट पहुंचे।
कांपते हाथ से पति ने बिंदु की भरी मांग
बिंदु की करतूत की वजह से आखिरी बार घर की चौखट पर उसका शव नहीं लाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब पांच बजे शव लेकर देवर सीधे राजघाट पहुंचा। पति रवि चौहान ने उसे देखने से भी इन्कार कर दिया था। आखिरी समय में रवि पत्नी का दाह संस्कार करने राजघाट आए। रवि ने बिंदु को साड़ी, चुनरी ओढ़ाई और उसकी मांग में कांपते हाथ से सिंदूर भरा। रवि ने रोते हुए कहा-मैं कितना बदकिस्मत हूं कि बेटी को आखिरी समय देख नहीं पाया। जिसने मारा, उसका दाह संस्कार कर रहा हूं। राजघाट में बिंदु का भाई पिंटू, देवर खुशवन और दो अन्य लोग मौजूद रहे। उधर, कॉलोनी में बिंदु की मौत की चर्चा होती रही, लेकिन उसकी करतूत की वजह से कोई भी अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं गया।
नतिनी को मार डाला, इसलिए चेहरा नहीं देखना चाहते हैं मां-बाप
पांच भाई-बहन में बिंदु दूसरे नंबर पर थी। इसके अलावा तीन भाई पिंटू, रिंकू, अंगद और बहन रूबी है। बिंदू की इस कृत्य से पिता भवानी चौहान और मां रुकमणि बहुत नाराज हैं। उन्होंने कहा कि बेटी की हर बात मानी, जो भी किया उसका साथ दिया, लेकिन नतिनी को मारने की घटना बहुत ही शर्मनाक है। मां रुकमणि बार-बार नतिनी नैना को याद कर अचेत हो जा रही थीं। वहीं बेटी की करतूत से शर्मिंदा हैं।
बंद हो जाएगी हत्या की फाइल
ससुर शिव प्रसाद चौहान की तहरीर पर बिंदु पर हत्या का केस गोरखनाथ थाने में दर्ज किया गया था। बिंदु की मौत के बाद हत्या की फाइल अब बंद हो जाएगी।