चिड़ियाघर में भेड़िया भैरवी और बाघिन शक्ति की मौत लगभग एक ही तरीके से हुई है। दोनों ने 24 घंटे पानी कम पिया और अंत में ऑर्गन फेल्योर हो गया। चिड़ियाघर प्रशासन को आशंका है कि कहीं दोनों में इंफेक्शन तो नहीं था। इसके लिए इनका सैंपल आईवीआरआई, बरेली के साथ ही राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल भेजा जाएगा ताकि संक्रमण का पता लगाया जा सके।
बाघिन शक्ति की मौत का कारण मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर सामने आया। हालांकि, यह किस वजह से हुआ, इसका कुछ पता नहीं चल सका है। मंगलवार को उसने पानी नहीं पिया था। वह सुबह से ही अपने पैर पर खड़ी नहीं हो पा रही थी। शाम से ही उसका इलाज जारी था, लेकिन बुधवार की भोर में उसने दम तोड़ दिया।
चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि एक दिन पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी। लेकिन, अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भैरवी का भी हाल कुछ ऐसा ही था लेकिन उसका इलाज नहीं शुरू हो सका था।
सभी वन्यजीवों में जांचेंगे संक्रमण
बाघिन शक्ति के पोस्टमॉर्टम के दौरान आईवीआरआई, बरेली की टीम वीडियो कॉल पर जुड़ी थी। रात तक वहां से चार सदस्यीय टीम गोरखपुर आ गई। यह अभी तक हुई मौतों की जांच करेगी। इसके साथ ही दूसरे वन्यजीवों की सेहत का ऑडिट करेगी। वहीं, भेड़िया और बाघिन की मौत में संक्रमण की आशंका है इस वजह से चिड़ियाघर के सभी जानवरों में इसकी जांच कराई जाएगी।
पूरे परिसर का हुआ सैनिटाइजेशन
बाघिन शक्ति की मौत इंफेक्शन की आशंका को देखते हुए बुधवार को पूरे चिड़ियाघर परिसर में सैनिटाइजेशन किया गया। दूसरे जानवरों तक यह न पहुंचे इसे लेकर सारे उपाय किए गए।
पटौदी का भी चल रहा इलाज
बब्बर शेर पटौदी की हालत भी स्थिर बनी हुई है। वह खुराक से कम भोजन कर रहा है। इटावा सफारी के मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. आरके सिंह के निर्देशन में उसका इलाज चल रहा है। वहीं, आईवीआरआई की टीम भी बृहस्पतिवार को उसकी जांच करेगी।