पोस्टर लगाकर विरोध समर्थकों ने विरोध जताया
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पूर्व मंत्री स्व. हरिशंकर तिवारी के बेटे पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद दो युवकों ने सोमवार की रात शहर में बैनर लगाकर विरोध दर्ज कराया। कैंट थानाक्षेत्र के आंबेडकर चौक पर लगे बैनर पर लिखा था कि आईएएस/आईपीएस मुकदमों में भागे फिर एक ही जाति के साथ अत्याचार क्यों।
बगल में स्थित कलक्ट्रेट चौकी की पुलिस ने आनन-फानन में आधे घंटे के अंदर ही बैनर हटवा दिए। जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह ईडी की छह सदस्यीय टीम ने बैंकों के कंसोर्टियम से 1129 करोड़ के फर्जीवाड़े के मामले में धर्मशाला स्थित तिवारी हाता में छापा मारा था।
साढ़े छह घंटे तक चली कार्रवाई के बाद दोपहर 12:30 बजे टीम वापस गई थी। शाम होते-होते लखनऊ से चिल्लूपार के पूर्व विधायक सपा नेता विनय शंकर तिवारी की गिरफ्तारी की सूचना आई। इसके बाद गोरखनाथ क्षेत्र के बरगदवां निवासी वैभव तिवारी और रवि पांडेय ने रात में किसी प्रिंटिंग प्रेस से गिरफ्तारी का विरोध करते हुए बैनर छपवाए। बैनर पर वैभव तिवारी और रवि पांडेय का फोटो भी लगा था।
देर रात करीब दो बजे शहर के कैंट इलाके के आंबेडकर चौक पर एक होर्डिंग पर बैनर लगाया गया इसके बाद अन्य जगहों पर बैनर लगवाने की तैयारी थी। बैनर लगने के कुछ देर बाद ही कलक्ट्रेट चौकी के पुलिसकर्मियों की नजर बैनर पर पड़ गई। पुलिस ने आधे घंटे के अंदर ही बैनर हटवा कर जब्त कर लिया।
इस बाबत वैभव तिवारी का कहना है कि चौराहे पर बैनर लगवाने के लिए नगर निगम से अनुमति लेनी पड़ती है। अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए पुलिस ने बैनर हटवा दिया। उन्होंने कहा एक जाति विशेष के लोगों पर ही कार्रवाई की जा रही है, जबकि केस तो बहुत से लोगों पर दर्ज है।
हाते में रही सपा नेताओं की भीड़
धर्मशाला स्थित तिवारी हाता में मंगलवार को सपा नेताओं की भीड़ रही। सुबह से ही हाते में पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी बैठे नजर आए। दिन भर सपा नेताओं के साथ ही उनके क्षेत्र की लोग आते-जाते रहे। विनय शंकर तिवारी की गिरफ्तारी को लेकर दिन भर चर्चा चलती रही। सपा नेताओं ने इस गिरफ्तारी की निंदा की। वहीं कई दिग्गज नेताओं ने पूर्व सांसद से फोन पर हालचाल लिया।