गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बीएएमएस सुश्रुत बैच के द्वितीय सत्र का शुभारंभ
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आयुर्वेद प्राचीन काल से वर्तमान समय तक चिकित्सा के क्षेत्र में हरदम आगे रहा है। इसमें नवाचार, अनुसंधान और चिकित्सा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने आयुर्वेद की शिक्षा व चिकित्सा के स्तर को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।
ये बातें महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने कहीं। वे शुक्रवार को गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में बीएएमएस सुश्रुत बैच (2022-23) के द्वितीय सत्र के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। दीप प्रज्वलन एवं धन्वंतरि वंदना के बाद कुलसचिव डॉ. राव ने सभी विद्यार्थियों को नए सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का महत्व निरंतर बढ़ता जा रहा है।
इस अवसर पर गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के कार्यवाहक प्राचार्य डाॅ. नवीन के, डाॅ. गोपीकृष्णा, डाॅ. रश्मि पुष्पन, डाॅ. मीनी केवी, डाॅ. देवी आर नायर, डाॅ. शांति भूषण हंदूर, डाॅ. संध्या पाठक, डाॅ. विनम्र शर्मा, डाॅ. परीक्षित, डाॅ. सार्वभौम, साध्वी नंदन पांडेय आदि मौजूद रहे।