गोरखपुर। जिले में बहने वाली सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं। इसके बाद भी बाढ़ प्रभावित गांवों की मुश्किलें कम नहीं हो पाईं हैं। पानी भरा होने के कारण वहां अब भी 79 नाव चलाई जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में आठ हजार राशन किट वितरित किया गया है। लेकिन, उन गांवों में पशुओं के लिए भूसे की समस्या बनी हुई है। प्रभावित गांवों के ग्रामीण चाह रहे हैं कि उन गांवों में भूसे का वितरण कराया जाए।
नेपाल की पहाड़ियों पर हुई भारी बारिश की वजह से जिले में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों में उफान आ गया था। देखते-देखते सभी नदियां खतरे के निशान को पार कर गईं। बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की तरफ से नाव लगाई गईं। इसके अलावा आपदा प्रबंधन कार्यालय की ओर से राशन किट का वितरण किया गया। बुधवार को सरयू नदी खतरे के निशान से 20 सेमी नीचे आ गई, जबकि राप्ती नदी 35 सेमी नीचे बह रही है। गोर्रा 70 सेमी नीच आ गई है, जबकि रोहिन नदी सवा दो मीटर नीचे पहुंच गई है। उनके लगातार नीचे आने का क्रम जारी है।