तापमान बढ़ने और उस पर बिजली घंटों गुल होने से शहरवासी परेशान हैं, मगर तमाम सहूलियतों के बावजूद सरकारी सिस्टम पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। शहरी और ग्रामीण विद्युत खंडों में बांस-बल्ली और उसपर झूल रहे बिजली के तारों को हटाने के लिए करीब 11 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन कई जगहों पर स्थिति पहले जैसी ही है।
शहर से जुड़े चौरीचौरा खंड के रानीडीहा इलाके में आज भी दो दर्जन से अधिक घरों में बांस-बल्ली के सहारे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। तेज हवा से तार टूटने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। हालत यह है कि बांस के खंभे और तार सड़क की ओर झुके होने से तेज हवा चलने पर हादसे का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत कई बार एसडीओ और जेई से की गई, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
दरअसल, शासन की तरफ से शहर और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के साथ चौरीचौरा में भी बांस-बल्ली को हटाकर बिजली के खंभे लगाए जाने थे। इसके लिए 10 करोड़ 95 लाख रुपये का बजट मिला था, लेकिन इसमें शुरू से ही भारी गड़बड़ी की गई।
शहरी क्षेत्र के सभी चारों वितरण खंडों के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज, पादरी बाजार ग्रामीण और अन्य उपकेंद्र में काम तो हुए, लेकिन मनमाने तरीके से। रानीडीहा के मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि कई बार हम लोगों ने इसकी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। पहले यह क्षेत्र ग्रामसभा था। करीब डेढ़ वर्ष से नगर निगम सीमा में आ गया है। इसके बाद भी उपेक्षित है।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने अपनी सुविधा और मनमाने तरीके से पहले लाइन खींच दी और अब बिजली के खंभे लगाने की बात पर टालमटोल की जा रही है। शासन से मिले धन के सापेक्ष बांस-बल्ली के खंभों को हटाने में लापरवाही पर तत्कालीन विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने भी नाराजगी जताई थी।
कॉलोनाइजरों को दिया गया लाभ
कुछ अभियंताओं ने पूरे जोन में अलग-अलग इलाकों में कॉलोनाइजरों को लाभ देते हुए नियम विरुद्ध तरीके से लाइन खिंचवा दी थी। इसके अलावा कई जगहों पर बिना नियम के खंभे शिफ्ट कर दिए गए थे। महराजगंज के तरकुलवा तिवारी गांव में जमीन कारोबारियों को लाभ देने के लिए प्लाटिंग क्षेत्र में ही अवैध लाइन का निर्माण कर दिया गया।
परसा गांव के एक उपभोक्ता ने ऊर्जा मंत्री को शिकायत करते हुए बताया कि कॉलोनाइजर को लाभ देने के लिए उसकी प्लाटिंग में बिना इस्टीमेट पैकेज के 20 खंभों की लाइन का अवैध निर्माण करवा दिया गया। ऊर्जा मंत्री ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पूर्वांचल एमडी को जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे ही खजनी, सिकरीगंज, चौरीचौरा समेत अन्य इलाकों में भी लाइन खींची गई थे।
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने बताया कि बांस-बल्ली के खंभों को हटाने की योजना है। इसके तहत इन्हें क्यों नहीं हटाया गया, इसकी जानकारी नहीं है। प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर इन्हें हटवा दिया जाएगा।