गोरखपुर। गंगेश पांडेय हत्याकांड में अभी तक एसआईटी को ठोस अहम सुराग हाथ नहीं लग सके हैं। ऐसे में गंगेश के मोबाइल फोन में रिकॉर्ड ऑडियो, वीडियो, फोटो, कॉल डिटेल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए एसआईटी हत्या की गुत्थी सुलझाने का प्रयास करेगी। पीड़ित परिवार ने मोबाइल से डेटा डिलीट होने का खतरा बताया था। इसको देखते हुए गंगेश का मोबाइल, जांच के लिए एम्स के फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है।
इसमें गंगेश की आवाज की भी जांच कराई जाएगी। इसके बाद फॉरेंसिक टीम मोबाइल में मौजूद सभी डेटा का कॉपी तैयार कर एसआईटी को उपलब्ध कराएगी। फिर एसआईटी उसकी जांच-पड़ताल करेगी।
गंगेश के परिवार ने पुलिस को मोबाइल सौंपते हुए दावा किया है कि इसमें बातचीत की ऑडियो रिकॉडिंग और कई मैसेज हैं। ऑडियो में गंगेश किसी से बात कर रहे हैं। इस दौरान गंगेश से बात करने वाला शख्स सावधान करते हुए कह रहा है-तुम्हें हत्या के केस में गवाही नहीं देने दिया जाएगा। कुछ लोग दूसरी पार्टी से मिल गए हैं। उनपर कतई विश्वास न करना।
घरवालों का यह दावा कितना सही है, गंगेश के मोबाइल फोन की जांच के बाद पता चलेगा। वहीं गंगेश के पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग एम्स के फॉरेंसिक विभाग में भेजी गई थी। इसे देखकर विशेषज्ञों को एक रिपोर्ट तैयार करनी है। अभी तक यह रिपोर्ट भी एसआईटी को नहीं मिली है। पुलिस की मानें तो यह रिपोर्ट भी केस में अहम है।
लखनऊ जाने की तैयारी में एसआईटी
एसआईटी ने गंगेश के भाई योगेश दत्त पांडेय की हत्या के मामले में पूर्व में पैरवी कर रहे लखनऊ के एक अधिवक्ता को भी बयान लेने के लिए बुलाया था। पुलिस का कहना था कि एक सप्ताह में अधिवक्ता ने आने के लिए कहा था। अभी तक वह बयान देने नहीं आए। एसआईटी अब लखनऊ जाकर बयान लेने की तैयारी कर रही है।
यह है मामला
महेवा के रहने वाले गंगेश पांडेय के भाई योगेश दत्त की वर्ष 2017 में हत्या कर दी गई। इस मामले में मुख्य गवाह गंगेश थे। गवाही के सिलसिले में वह मई के पहले सप्ताह दिल्ली से गोरखपुर आए। 11 मई की सुबह 10:30 बजे केस के संबंध में किसी से बात करने के लिए घर से निकले। एक घंटे बाद गोलघर में उनकी मौत हो गई। परिवार वालों की तहरीर पर 13 जून को इस मामले में केस दर्ज हुआ। इसमें सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामदरश राय, उनके बेटे राहुल राय, राहुल यादव, राहुल पांडेय, दीपनारायण पांडेय के साथ दो अधिवक्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट में जहर से गंगेश की मौत होने की पुष्टि के बाद एसएसपी ने केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया।
वर्जन-
गंगेश का मोबाइल फोन घरवालों ने दिया था। फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है। विशेषज्ञ ऑडियो, वीडियो, फोटो व काॅल डिटेल की कॉपी तैयार कर डिटेल भेजेंगे। इसकी जांच के बाद केस में स्थिति स्पष्ट होगी।
-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी