गोरखपुर एम्स में रात में हॉस्टल से अस्पताल में आने वाली महिला डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पांच महिला सुरक्षा कर्मियों का विशेष दस्ता लगाया गया है। यह दस्ता महिला डॉक्टरों को कैंपस में भी एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जाने के दौरान सुरक्षा देगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। महिला नर्सिंग स्टाफ को भी महिला गार्ड की सुरक्षा मिलेगी।
एम्स में आईपीडी के साथ इमरजेंसी एवं ट्रामा सेंटर में महिला चिकित्सकों व नर्सिंग अफसरों की ड्यूटी रात में भी लगती है। इसके अलावा कई बार विशेष परिस्थिति में भी महिला डाॅक्टरों को हॉस्टल से अस्पताल में बुलाना पड़ता है। कोलकाता की घटना के बाद सरकार ने महिला सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश दिए हैं।
इस क्रम में एम्स ने महिला सुरक्षा कर्मियों से पांच महिलाओं का एक विशेष दस्ता गठित किया है। ये महिला गार्ड रात में किसी महिला चिकित्सक का बुलावा आने पर महिला चिकित्सक को घर से लेकर अस्पताल तक सुरक्षा देंगी। इतना ही नहीं एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक आने जाने के दौरान भी गार्ड साथ रहेंगी। रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान महिला नर्सिंग आफिसर को भी ऐसी ही सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
पीआरओ डॉ. अरुप मोहंती ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष दस्ता सक्रिय हो गया है। अब जब किसी महिला डॉक्टर को रात में आन कॉल बुलाया जाएगा तो उसी समय विशेष दस्ते को भी इसकी जानकारी दी जाएगी। दस्ते की सुरक्षा में ही महिला डॉक्टर आवास से अस्पताल तक आएंगी और जाएंगी।