जंगल सालिकराम निवासी राजेश गिरि के निर्माणाधीन मकान को मनमाने तरीके से सील करने के आरोप में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के सहायक अभियंता (एई) विनोद कुमार शर्मा और अवर अभियंता (जेई) रमापति वर्मा को शासन स्तर से निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, एक्सईएन नरेंद्र कुमार और अब वाराणसी विकास प्राधिकरण के लिए स्थानांतरित हो चुके एई अनुज शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले की जांच कमिश्नर अनिल कुमार ढींगरा को सौंपी गई है। इस कार्रवाई से जीडीए में हड़कंप मच गया है। जीडीए की टीम ने बीते साल 06 नवंबर को जंगल सालिकराम में राजेश पर्वतगिरि के निर्माणाधीन मकान को सील कर दिया था।
जबकि, इस मकान का नक्शा पास था। इस कार्रवाई के बाद राजेश पर्वतगिरि सील हटवाने के लिए जीडीए का चक्कर लगाते रहे। आरोप है कि किसी की शिकायत पर उनके मकान का काम रोका जा रहा था। प्रथम तल पर मकान बनवाने के लिए वे जीडीए से अनुमति मांग रहे थे, लेकिन जमीन का विवाद बताकर अनुमति नहीं दी गई।
राजेश को बताया गया कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा है, उसकी रजिस्ट्री किसी और के नाम है। निर्माण कार्य रोके जाने के खिलाफ राजेश ने हाईकोर्ट में वाद दाखिल कर दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि सील करने के आदेश पर एई विनोद कुमार शर्मा और जेई रमापति वर्मा के हस्ताक्षर थे। हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही मिली, जिस पर शासन ने एई और जेई को निलंबित करने के साथ ही निगरानी की भूमिका निभाने वाले एक्सईएन और एक अन्य एई से जवाब-तलब करने के साथ ही कमिश्नर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
निलंबित होने वाले जेई रमापति वर्मा करीब दो माह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वहीं, निगरानी करने वाले एई अनुज शर्मा का वाराणसी विकास प्राधिकारी में इसी पद पर तबादला हो चुका है।
शासन स्तर से एई व जेई के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मिली है। जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी:
अनिल कुमार ढींगरा, कमिश्नर