शोध के स्तर और उसकी गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय एक नई चार मंजिला इमारत बनाने जा रहा है, जिसमें कई हाईटेक लैब और 400 सीटों की क्षमता का नया ऑडिटोरियम बनेगा।
अगले एक माह में इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पीएम उषा के तहत मिले फंड से विश्वविद्यालय इस बिल्डिंग का निर्माण कराएगा। इसके लिए 28 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि इसको एक साल के अंदर तैयार कर दिया जाए। यह बिल्डिंग विश्वविद्यालय के बड़े मैदान में जूलॉजी विभाग के सामने की तरफ बनाई जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा ऑडिटोरियम
विश्वविद्यालय में अभी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए संवाद भवन और दीक्षा भवन हैं। संवाद की क्षमता 300 और दीक्षा भवन की 750 है। नया ऑडिटोरियम 400 की क्षमता का होगा। इसमें मंच, स्क्रीन, साउंड प्रूफिंग सब आधुनिक होगा। इससे बड़े सेमिनार, लेक्चर आयोजित करने में सहूलियत मिलेगी।
हाई लेवल रिसर्च की लैब
शोध के स्तर को बढ़ाने के लिए कुछ हाई लेवल रिसर्च लैब बनेंगी। इसमें मटेरियल साइंस, हाई परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग, मॉल्युकुलर जेनेटिक्स, माइक्रोबियल और मेटा जीनॉमिक्स की लैब बनेगी। इससे शिक्षक और शोधार्थियों को उनकी रिसर्च में लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय में अभी सभी लैब पुरानी हैं। इस लैब के बन जाने से शोध की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
मीडिया स्टूडियो और कौशल विकास केंद्र
छात्रों और विश्वविद्यालय के कार्यों के लिए बिल्डिंग में एक मीडिया स्टूडियो बनाया जाएगा। इसमें ऑनलाइन पढ़ाई की भी सुविधा होगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए एक स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण होगा।
कुलपति प्रो पूनम टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय में चार मंजिला एक नई इमारत बनाने का प्रस्ताव है। पीएम उषा से मिलने वाले फंड से इसका निर्माण होगा। शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इसमें कुछ हाईटेक लैब बनाई जाएंगी। इसके साथ ही 400 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडिटोरियम बनाया जाएगा।