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Gorakhpur News: बाढ़ के पानी से घिरे 29 गांव, लगानी पड़ीं 85 नाव-नेपाल की बारिश ने बढ़ाई आफत

Thu, 03 Oct 2024 12:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

इस समय बाढ़ नहीं आती है। लेकिन, वर्तमान समय में जिले के 29 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। शहरी क्षेत्र के करीब होने के नाते इन गावों में 85 नावों को लगाना पड़ा है। इन गावों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन गावों में पशुओं के चारा की समस्या उत्पन्न हो गई है।
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बाढ़ के पानी से गिरा क्षेत्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गोरखपुर। हाल ही में नेपाल की पहाड़ियों से लेकर मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश का असर जिले में बहने वाली नदियों के जलस्तर पर पड़ा है। तेज बारिश के कारण सभी नदियों में उफान आ गया। राप्ती का जलस्तर अब भी बढ़ रहा है। इस समय राप्ती नदी खतरे के निशान से 82 सेमी ऊपर बह रही है।

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लिहाजा जिले के 29 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गावों में 85 नावों को लगाना पड़ा है। अब बारिश थम चुकी है फिर भी सरयू, राप्ती, रोहिन जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि सरयू व रोहिन का जलस्तर कम होने लगा है। अक्तूबर का महीना शुरू हो चुका है।

जानकारों का मानना है कि इस समय बाढ़ नहीं आती है। लेकिन, वर्तमान समय में जिले के 29 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। शहरी क्षेत्र के करीब होने के नाते इन गावों में 85 नावों को लगाना पड़ा है। इन गावों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन गावों में पशुओं के चारा की समस्या उत्पन्न हो गई है।

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बाढ़ का संकट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन इन गावों में पशुओं के चारा की व्यवस्था कराए। इस बार की बाढ़ का असर सदर तहसील के 17, सहजनवां के 6, कैंपियरगंज के 5 तथा चौरीचौरा के एक गांव पर पड़ा है। इसके पहले बाढ़ से गोला और खजनी तहसील के अधिक गांव प्रभावित होते रहे हैं।

आपदा प्रबंधन कार्यालय के मुताबिक इस बार इस तहसील का कोई गांव प्रभावित नहीं हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ते रहने से और भी गांव बाढ़ के पानी से घिर सकते हैं। गोर्रा नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है।

लेकिन, उसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यही रफ्तार उसके बढ़ने की रही तो वह भी बृहस्पतिवार तक खतरे का निशान पार कर सकती है। इस समय वह खतरे के निशान से मात्र 15 सेमी नीचे है।

सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह ने बताया कि राप्ती नदी में बूढ़ी राप्ती, रोहिन सहित अन्य नदियों का पानी आने से इसका जलस्तर बढ़ रहा है। इसका पानी सरयू में जाता है। सरयू का पानी गंगा में जाता है। गंगा में बहुत पानी आने से उसका पानी तेजी से कम नहीं हो रहा है।

इस नाते सरयू नदी का पानी भी तेजी से नहीं निकल रहा है। यही वजह है राप्ती का पानी निकल नहीं पा रहा है। वैसे कहीं जिले में खतरे की कोई बात नहीं है। उनका पूरा महकमा बंधों की निगरानी कर रहा है। चिंता की कोई बात नहीं है।
 
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