रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक परिवार सहित 10 यात्री लिफ्ट में करीब 25 मिनट तक फंसे रहे। लिफ्ट में तीन बच्चे भी थे, जो पसीने से तर-बतर होने के बाद घबरा गए। जीआरपी के दो पुलिसकर्मियों के प्रयास से करीब 25 मिनट बाद दरवाजा खुला तो सभी बाहर आ सके।
बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी की वजह से लिफ्ट बंद हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शनिवार सुबह प्लेटफॉर्म नंबर छह पर लगे लिफ्ट में एक परिवार के पांच लोग और पांच अन्य यात्री फुट ओवरब्रिज पर जाने के लिए चढ़े।
एक नंबर बटन दबाने के बाद दरवाजा बंद हो गया लेकिन लिफ्ट ऊपर की ओर नहीं जा रही थी। लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे गुठनी, सिवान के विवेकानंद जायसवाल ने बताया कि करीब 25 मिनट तक फंसे रहे। उनके साथ एक परिवार के दंपती और उनके तीन बच्चे भी थे।
जब 10 मिनट तक लिफ्ट ऊपर नहीं गया तो सब परेशान हो गए। अफनाहट भी होने लगी। उन्होंने बताया कि बच्चे घबराकर रोने लगे। इसके बाद विवेकानंद ने लिफ्ट में मदद के लिए लिखे गए मोबाइल नंबर पर फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ।
इसके बाद गूगल से जीआरपी का नंबर निकालकर फोन किया तो दो पुलिसकर्मी मौके पर आए। इसी दौरान ऑपरेटर भी आ गए। करीब 25 मिनट बाद दरवाजा खुला तो सभी बाहर आ सके। गनीमत रहा कि सभी लोग सकुशल बाहर निकल गए।
कुछ तकनीकी खराबी के चलते लिफ्ट फंस गया था। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं:
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर